20 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच पूरी

Updated at : 17 Mar 2026 1:48 AM (IST)
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20 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच पूरी

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते सीइओ मनोज अग्रवाल (मध्य में).

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संवाददाता, कोलकाता

मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया में ‘विचाराधीन’ श्रेणी के 60 लाख, छह हजार, 675 मतदाताओं में से 20 लाख के दस्तावेजों की जांच पूरी हो गयी है. सोमवार शाम को एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीइओ) मनोज अग्रवाल ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 705 न्यायिक अधिकारी इस काम में लगे हुए हैं. इस काम को जल्द पूरा करने के लिए न्यायिक अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं. संभावना है कि इसकी पहली सूची अगले छह से सात दिनों के अंदर प्रकाशित कर जायेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में सबसे ज्यादा विचाराधीन मतदाता मुर्शिदाबाद और मालदा जिले में हैं. सीइओ ने कहा कि निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान कराने के लिए आयोग कटिबद्ध है. सभी जिलों के डीएम, एसपी और पुलिस आयुक्त को थाना वार वांछित अपराधियों की सूची देने के लिए कहा गया है. कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं और हथियार जब्त कितने हुए है, इसका पूरा लेखा-जोखा आयोग को देना होगा. चुनाव के दिन किसी भी तरह की हिंसा की घटना होती है, तो निश्चित तौर पर थाना प्रभारी जिम्मेवार होंगे और आयोग सख्ती से पेश आयेगा. सीइओ ने कहा कि राज्य के 28 पुलिस जिला और छह पुलिस कमिश्नरेट के लिए दो-दो पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किये गये हैं. कोलकाता कमिश्नरेट में कितने पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किये जायेंगे, इसका फैसा जल्द लिया जायेगा. इसके अलावा वेब कॉस्टिंग राज्य के सभी पोलिंग बूथों में होगी और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जायेगी. वेब कॉस्टिंग की मॉनिटरिंग तीन चरणों में की जायेगी. सीइओ ने कहा कि पिछले चुनाव में कुछ बूथों पर वेब कॉस्टिंग ठीक से नहीं होने की घटना सामने आयी थी. इसके बाद आयोग ने उक्त कंपनी के खिलाफ कड़ा कदम उठाया था. इस बार ऐसा नहीं होगा. हर बूथ की पल-पल की जानकारी उपलब्ध होगी.केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) को भी इस बार अधिक सतर्क किया गया है. सीइओ ने एक घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि सीएपीएफ की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. हर एक पोलिंग बूथ सीएपीएफ की सुरक्षा घेरे से लैस होगा.

प्रत्येक चरण में केंद्रीय बलों की 2,500 कंपनियां तैनात की जा सकती हैं : मुख्य चुनाव अधिकारी

कोलकाता. राज्य विधानसभा चुनाव के प्रत्येक चरण में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 2,000 से 2,500 कंपनियां तैनात कर सकता है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने यह जानकारी दी. अग्रवाल ने कहा कि आयोग दो चरणों में होने वाले चुनावों के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए अभूतपूर्व दृष्टिकोण अपनाने को तैयार है. हमारा एकमात्र लक्ष्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है. प्रत्येक चरण में केंद्रीय बलों की लगभग 2,000 से 2,500 कंपनियों की आवश्यकता हो सकती है. प्रत्येक कंपनी में आमतौर पर 100 से 135 कर्मी होते हैं.

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