फर्जी पत्रकारों को तृणमूल बांट रही आई कार्ड, शुभेंदु अधिकारी ने की चुनाव आयोग से शिकायत

शुभेंदु अधिकारी
Suvendu Adhikari : भाजपा नेता ने चुनाव आयोग से की अपनी शिकायत में कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मान्यता प्राप्त और प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को ही उनके पहचान पत्रों के द्वितीयक सत्यापन के बाद मतदान केंद्रों के पास जाने की अनुमति दी जाए.
मुख्य बातें
Suvendu Adhikari : कोलकाता. भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर फर्जी पत्रकारों को प्रेस कार्ड बांटने का आरोप लगाया है. शुभेंदु अधिकारी ने इस संदर्भ में चुनाव आयोग से शिकायत की है. अधिकारी ने सोशल मीडिया पर किये अपने पोस्ट में इस बात की जानकारी दी है. शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग को जानकारी दी है कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनी ‘राजनीतिक परामर्श’/’मनी लॉन्ड्रिंग’ फर्म के सहयोग से एक गंभीर साजिश रची जा रही है. जिसका एकमात्र उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना और पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों की निष्पक्षता से समझौता करना है.
जारी हो रहे फर्जी प्रेस पहचान पत्र
विश्वसनीय रिपोर्टों का हवाला देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि आईपीएसी टीएमसी पार्टी कार्यकर्ताओं को व्यवस्थित रूप से फर्जी प्रेस पहचान पत्र जारी कर रहा है. ये लोग पेशे से पत्रकार नहीं हैं, लेकिन मतदान केंद्रों और प्रमुख प्रशासनिक केंद्रों सहित संवेदनशील क्षेत्रों में निर्बाध पहुंच प्राप्त करने के लिए मीडियाकर्मियों के रूप में भेष बदलकर काम कर रहे हैं. मीडिया की सुरक्षा की आड़ में स्थानीय स्तर पर अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इन “छद्म पत्रकारों” को रणनीतिक रूप से तैनात किया जा रहा है.
वोटरों को डराया धमकाया जा रहा
भाजपा ने ता ने कहा है कि ये लोग प्रेस के रूप में खुद को पेश करके, ये कार्यकर्ता मतदान केंद्रों में प्रवेश कर मतदाताओं को डरा-धमका सकते हैं/प्रभावित कर सकते हैं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का संदेह आकर्षित किए बिना चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर कर सकते हैं. यह भी टीएमसी की एक क्लासिक रणनीति है जिसके तहत प्रेस कार्ड के विशेषाधिकार का दुरुपयोग किया जाता है, जो पार्टी के आम कार्यकर्ताओं को न मिलने वाली गतिशीलता और पहुंच प्रदान करता है.
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सभी पहचान पत्रों की जांच हो
शुभेंदु अधिकारी ने लिखा है- मैं चुनाव आयोग से आग्रह करता हूं कि वह पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ महीनों में जारी किए गए सभी नए प्रेस पहचान पत्रों और मान्यता पत्रों का कठोर सत्यापन करे. साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दे कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति के नए प्रमाण पत्रों की निगरानी और जांच करें, जो पत्रकार होने का दावा करता है लेकिन जिसके पास इस क्षेत्र में कोई वैध अनुभव नहीं है.
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लेखक के बारे में
By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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