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एसआइआर के खिलाफ तृणमूल करेगी सभा

Updated at : 16 Oct 2025 9:54 PM (IST)
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एसआइआर के खिलाफ तृणमूल करेगी सभा

दुर्गापूजा के समापन के साथ ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस अब चुनावी मोड में आ चुकी है. पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नवंबर के पहले सप्ताह कोलकाता के ऐतिहासिक शहीद मीनार मैदान में एसआइआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ जनसभा कर सकती हैं.

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कोलकाता.

दुर्गापूजा के समापन के साथ ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस अब चुनावी मोड में आ चुकी है. पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नवंबर के पहले सप्ताह कोलकाता के ऐतिहासिक शहीद मीनार मैदान में एसआइआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ जनसभा कर सकती हैं. इस सभा में तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी के भी मंच पर मौजूद रहने की संभावना है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार के चुनावी एजेंडे में एसआइआर सबसे अहम मुद्दा बनने जा रहा है. चुनाव आयोग सूत्रों के अनुसार बंगाल में मतदाता सूची का यह विशेष संशोधन दो नवंबर से शुरू होने की संभावना है. उसी दिन इसकी अधिसूचना जारी की जा सकती है और प्रक्रिया भी प्रारंभ हो सकती है.

तृणमूल की रणनीति है कि वह इस मुद्दे को जनता के बीच बड़े पैमाने पर उठाये. पार्टी इसे बाहरी ताकतों द्वारा बंगाल के गरीब और वंचित वर्ग के खिलाफ साजिश के रूप में पेश करने की तैयारी में है. तृणमूल का आरोप है कि केंद्र सरकार ने पिछले चार वर्षों में मनरेगा और आवास योजनाओं की राशि रोकने के बाद अब वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साजिश की है. तृणमूल के साथ-साथ कांग्रेस और वामदलों का भी मानना है कि यह प्रक्रिया केवल नये या वैध मतदाताओं को जोड़ने की नहीं, बल्कि एक खास वर्ग के लोगों को सूची से हटाने का प्रयास हो सकता है.

इसी बीच, केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल की वर्तमान मतदाता सूची से लगभग 1.25 करोड़ नाम हटाये जायेंगे. वहीं, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि कम से कम एक करोड़ नाम हटेंगे, क्योंकि सूची में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिये शामिल हैं. इस पर तृणमूल ने तीखा पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि जब संशोधन की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हुई, तो इतनी सटीक संख्या कैसे बतायी जा सकती है? पार्टी का आरोप है कि इससे यह साबित होता है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की पूरी प्रक्रिया केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के नियंत्रण में हो सकता है. तृणमूल कांग्रेस सभा में भारी भीड़ जुटा कर लोगों को एसआइआर के बारे में आगाह करना चाह रही है. नवंबर के पहले सप्ताह में होने जा रही सभा में एसआइआर ही वक्ताओं के केंद्र में होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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