लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : राज्यपाल
Published by : AKHILESH KUMAR SINGH Updated At : 06 Feb 2026 1:55 AM
राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है व सर्वांगीण और समावेशी विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है.
कोलकाता. राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है व सर्वांगीण और समावेशी विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है. विधानसभा चुनाव से पहले तीसरी ममता सरकार का आखिरी वोट ऑन अकाउंट बजट पेश किये जाने से पूर्व राज्यपाल ने सदन को संबोधित किया. सिर्फ साढ़े चार मिनट का रहा राज्यपाल का अभिभाषण : दोपहर 12.30 बजे शुरू हुआ राज्यपाल का अभिभाषण लगभग साढ़े चार मिनट का रहा. अपने संबोधन में उन्होंने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू राजनीतिक अस्थिरता और जलवायु संबंधी चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार द्वारा निराशावाद को खारिज कर आगे बढ़ने के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भी सरकार जनता के लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी है.
राज्यपाल ने यह जोर ऐसे समय दिया है, जब राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लागू करने को लेकर विवाद चल रहा है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हट सकते हैं. वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना है.अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कोलकाता को लगातार भारत का सबसे सुरक्षित शहर घोषित किये जाने पर राज्य सरकार की सराहना की. साथ ही रोजगार के नये अवसर सृजित करने के लिए व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने की पहलों की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि छह नये आर्थिक गलियारे और ताजपुर बंदरगाह राज्य के लिए बड़ी जीवनरेखा साबित होंगे और समुद्री परिवहन को उल्लेखनीय बढ़ावा देंगे. हालांकि राज्यपाल का अभिभाषण शोरगुल के बीच समाप्त हुआ. जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी उन्हें औपचारिक रूप से सदन से बाहर ले जा रहे थे, तब सत्तापक्ष के सदस्यों ने जय बांग्ला के नारे लगाये, जबकि विपक्षी विधायकों ने जय श्रीराम के नारे लगाये.
राज्यपाल के अभिभाषण पर ममता-शुभेंदु की बयानबाजी
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि राज्यपाल ने राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया कथित झूठा भाषण नहीं पढ़ा, इसलिए उन्होंने साढ़े चार मिनट में ही अपना संबोधन समाप्त कर दिया. इसके लिए उन्होंने राज्यपाल को धन्यवाद भी दिया. वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुभेंदु के दावे को खारिज करते हुए कहा कि राज्यपाल को दोपहर 1.15 बजे की फ्लाइट से रवाना होना था, इसी कारण उन्होंने पूरा भाषण नहीं पढ़ा.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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