चुनाव आयोग और बंगाल सरकार के बीच लेटर वार जारी, सीईओ ने लिखा एक और पत्र

Updated at : 15 Feb 2026 8:49 AM (IST)
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चुनाव आयोग और बंगाल सरकार के बीच लेटर वार जारी, सीईओ ने लिखा एक और पत्र

SIR in Bengal: बंगाल में इसी साल चुनाव होने हैं. चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को फाइनल रूप देने में लगी है. SIR को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. दोनों पक्षों के बीच लेटर वार जारी है.

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SIR in Bengal: कोलकाता: बंगाल में SIR को लेकर कई जिलों में सुनवाई समाप्त हो गई है, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हुआ है. चुनाव आयोग ने राज्य सरकार की ओर से भेजे गए अधिकारियों की सूची को महज अंक करार दे रहा है. आयोग का कहना है कि राज्य सरकार ने उसे अब तक कर्मचारियों की जानकारी नहीं दी है. इस संबंध में चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को फिर से एक पत्र भेजा है. समूह बी माइक्रो ऑब्जर्वरों की सूचीसीईओ कार्यालय ने अब राज्य सरकार से जानकारी मांगी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, राज्य सरकार ने जल्दबाजी में 8,505 लोगों की सूची भेजी, लेकिन आयोग का दावा है कि उन कर्मचारियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई.

सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी बेअसर

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान एक बार फिर राज्य सरकार को यह आदेश दिया. इसके बावजूद, आयोग को राज्य सरकार से शिकायतें हैं. आरोप लगाया गया है कि राज्य द्वारा भेजी गई सूची में शामिल ग्रुप सी के 30 प्रतिशत कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के मद्देनजर ग्रुप बी में सूचीबद्ध किया गया है. क्या वेतन वृद्धि के मद्देनजर इस तरह से पद में बदलाव किया जा सकता है? आयोग का प्रश्न. आयोग का दावा है कि राज्य द्वारा भेजी गई सूची में शामिल 440 लोग पहले से ही एयरो के रूप में कार्यरत हैं. एक एयरो को सूक्ष्म पर्यवेक्षक कैसे बनाया जा सकता है? यह कैसे संभव है? सीईओ के कार्यालय ने राज्य से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है.

2000 कर्मचारियों की अब तक जानकारी नहीं

सूत्रों के अनुसार, हालांकि 8505 लोगों की सूची है, राज्य ने ग्रुप बी और ग्रुप सी सहित केवल 6000 लोगों की विस्तृत जानकारी भेजी है. आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे अदालत के आदेशानुसार ईआरओ की सहायता करेंगे. डीएम को यह पता लगाने के लिए कहा गया है कि किसने कहां रिपोर्ट की है. आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कार्यभार संभालने के बाद उन्हें काम शुरू करने की अनुमति दी जाएगी या नहीं. ऐसे में दोनों पक्षों के दावे प्रति दावे के बावजूद वो तारीख नजदीक आ रही है जब चुनाव आयोग को फाइनल वोटर लिस्ट जारी करना है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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