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जेयू : रैगिंग के लिए दोषी छात्र एक सेमेस्टर के लिए हुए निष्कासित

Updated at : 28 Sep 2024 11:02 PM (IST)
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जेयू : रैगिंग के लिए दोषी छात्र एक सेमेस्टर के लिए हुए निष्कासित

गत वर्ष जादवपुर यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष के स्नातक छात्र की रैगिंग के बाद मौत हो गयी थी. अब इस मामले में दोषी पाये गये 17 छात्रों को सजा दिये जाने की सूचना यूनिवर्सिटी की ओर से दी गयी. इनके खिलाफ कार्रवाई करने में अधिकारियों की कथित विफलता के खिलाफ छात्रों के एक वर्ग द्वारा 28 घंटे तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद यह कदम उठाया गया है.

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कोलकाता.

गत वर्ष जादवपुर यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष के स्नातक छात्र की रैगिंग के बाद मौत हो गयी थी. अब इस मामले में दोषी पाये गये 17 छात्रों को सजा दिये जाने की सूचना यूनिवर्सिटी की ओर से दी गयी. इनके खिलाफ कार्रवाई करने में अधिकारियों की कथित विफलता के खिलाफ छात्रों के एक वर्ग द्वारा 28 घंटे तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद यह कदम उठाया गया है.

जेयू के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने 17 छात्रों को सूचित किया कि उन्हें ”एक सेमेस्टर के लिए निष्कासित” कर दिया गया है और जेयू छात्रावासों से स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया गया है. एंटी रैगिंग कमेटी ने कहा कि ये छात्र रैगिंग के लिए उकसाने के मामले में ”सीधे तौर पर जुड़े” हैं. जिन पांच छात्रों के खिलाफ कमेटी ने सिफारिश की थी कि उन्हें चार सेमेस्टर के लिए निष्कासित किया जाये और जेयू छात्रावास से स्थायी रूप से निष्कासित किया जाये, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी, क्योंकि वे सीधे तौर पर आपराधिक साजिश से जुड़े थे और उन्होंने अदालत का रुख किया था. जेयू के जिन छह पूर्व और वर्तमान छात्रों की पहचान ””रैगर” के रूप में की गयी है और जेयू के चार छात्र, जिन्हें रैगिंग में पूरी तरह से शामिल बताया गया है, वे सजा के दायरे से बाहर हैं, क्योंकि वे पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं.

जेयू के एक अधिकारी ने बताया कि कुल मिलाकर 15 छात्र, जिनमें वे पांच छात्र भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ कमेटी ने सिफारिश की थी कि उन्हें चार सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया जाये और जेयू छात्रावास से स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया जाये, उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. बाकी 10 वे छात्र हैं, जिनके खिलाफ कमेटी ने सिफारिश की कि उन्हें भी एक सेमेस्टर के लिए निष्कासित करने के अलावा जेयू हॉस्टल से स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया जाये. अदालत इन छात्रों के भाग्य पर 14 अक्टूबर को अपना फैसला सुनायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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