ePaper

अब स्कूलों के परिसर में होगी अदरक-लहसुन की खेती

Updated at : 08 Aug 2025 1:17 AM (IST)
विज्ञापन
अब स्कूलों के परिसर में होगी अदरक-लहसुन की खेती

राज्य सरकार ने खाद्य आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरुआत की है. राज्य के स्कूल परिसरों में अब अदरक और लहसुन की खेती की जायेगी.

विज्ञापन

मिड-डे मील में होगा उपज का इस्तेमाल

प्रतिनिधि, हुगली.

राज्य सरकार ने खाद्य आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरुआत की है. राज्य के स्कूल परिसरों में अब अदरक और लहसुन की खेती की जायेगी. इसका उद्देश्य आवश्यक खाद्य पदार्थों के उत्पादन में राज्य की निर्भरता को कम करना है. खासकर अदरक, लहसुन और प्याज जैसे दैनिक उपयोग की वस्तुओं को लेकर, जिनकी आपूर्ति के लिए बंगाल अभी अन्य राज्यों पर निर्भर है. राज्य के कई स्कूलों में पहले से मिड-डे मील के लिए किचन गार्डन की व्यवस्था है, जहां विभिन्न सब्जियां उगायी जाती हैं. अब इनमें अदरक और लहसुन भी शामिल किये जा रहे हैं. इस पहल की शुरुआत हुगली जिले से की गयी है, जिसे सब्जी उत्पादन का गढ़ माना जाता है. हुगली जिला उद्यानपालन विभाग द्वारा चुंचुड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य के उद्यानपालन एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री अरूप राय ने इस योजना की शुरुआत की. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर इस योजना को पूरे राज्य में लागू किया जायेगा. पहले चरण में जिले के 20 स्कूलों को चुना गया है. पहले दिन मगरा प्रभावती बालिका विद्यालय और चुंचुड़ा सुकांत नगर अनुकूलचंद्र शिक्षाश्रम के छात्रों को अदरक और लहसुन की खेती का प्रशिक्षण दिया गया. हुगली जिले में फिलहाल 155 हेक्टेयर में अदरक और 479 हेक्टेयर में लहसुन की खेती होती है. इससे क्रमशः 800 और 4,708 मीट्रिक टन का उत्पादन होता है. मंत्री ने कहा कि राज्य में इन दोनों फसलों का उत्पादन बहुत कम है, जिसकी वजह से कीमतें कई बार बेकाबू हो जाती हैं. लहसुन 400 रुपये किलो और प्याज 100 रुपये तक पहुंच जाता है. इससे आम जनता को भारी परेशानी होती है.

स्कूलों में कैसे होगी खेती : मंत्री ने बताया कि जिन स्कूलों में जगह है, वहां बगीचे में खेती होगी. जहां जगह नहीं है, वहां छत या बरामदे में ग्रो बैग में खेती की जायेगी. सरकार बीज और ग्रो बैग मुफ्त में उपलब्ध करायेगी. स्कूलों में उगायी गयी फसल मिड-डे मील में इस्तेमाल होगी और अतिरिक्त उपज को स्कूल चाहे तो बेच भी सकता है.

मशरूम की खेती की भी तैयारी

सरकार मशरूम की खेती को भी बढ़ावा देना चाहती है ताकि छात्रों को प्रोटीन युक्त भोजन सुलभ हो सके और सस्ती सब्जियां भी उपलब्ध हों. इसके लिए विभागीय सचिव को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SUBODH KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By SUBODH KUMAR SINGH

SUBODH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola