800 रुपये के लिए किसी को मारा नहीं जा सकता : हाइकोर्ट

800 रुपये के लिए किसी को मारा नहीं जा सकता. इस तरह का अपराध बर्बर, निंदनीय और योजनाबद्ध है.
कोलकाता. 800 रुपये के लिए किसी को मारा नहीं जा सकता. इस तरह का अपराध बर्बर, निंदनीय और योजनाबद्ध है. दोषियों पर अदालत कोई दया नहीं दिखायेगी. उन्हें सजा मिलनी चाहिए. हमला और हत्या के मामले में मालदा के 14 आरोपियों की आजीवन कारावास की सजा कलकत्ता हाइकोर्ट ने बरकरार रखी. मंगलवार को न्यायाधीश राजशेखर मंथा और न्यायाधीश अजयकुमार गुप्ता की डिविजन बेंच ने कहा- हथियारबंद 14 लोगों ने एक साथ मिलकर निहत्थों पर हमला किया, जिसका उद्देश्य हत्या और घायल करना था. हत्या के आरोप में दोषियों की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रहेगी. इस घटना में अपराधियों के लिए अदालत की कोई सहानुभूति नहीं है. 1998 के 29 जनवरी को 800 रुपये और एक मोटरसाइकिल की चोरी को लेकर घटना हुई थी. गुदार मंडल नामक एक व्यक्ति पर चोरी का आरोप लगा. इस घटना के लगभग पांच महीने बाद गांव में पंचायत बुलायी गयी थी. उस समय 14 आरोपी धारदार हथियार लेकर पहुंचे थे. गुदार और उनके परिवार पर हमला किया गया था. इस घटना में एक की मौत हो गयी थी और कई लोग घायल हो गये थे.
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