नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को झटका, प्रत्याशी मिलन प्रधान 3 अक्टूबर तक रहेंगे जेल में

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कांग्रेस के नंदीग्राम उम्मीदवार मिलन प्रधान (Photo: ANI)

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नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

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नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को शुक्रवार (18 सितंबर) को गिरफ्तार किया गया था. शनिवार (19 सितंबर) को उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं, 4 अक्टूबर को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है. ऐसे में उनकी न्यायिक हिरासत के बीच चुनाव प्रचार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

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एक पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘‘प्रधान को 2007 में दर्ज चार मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था... ये मामले दंगा, हत्या और आपराधिक धमकी से जुड़े हैं.’’

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान पर 2007 के जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े मामलों में शामिल होने का आरोप है. इनमें दंगा, हत्या और आपराधिक धमकी के मामले शामिल हैं. प्रधान को शनिवार को अदालत में पेश किया गया. उन्हें शुक्रवार शाम पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था. उनके साथ कांग्रेस नेता सुभाशीष भट्टाचार्य को भी पकड़ा गया. प्रधान की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने कोलकाता में रैली निकालने का फैसला किया है.


ये भी पढ़ें: कांग्रेस का दावा : नंदीग्राम से पार्टी उम्मीदवार गिरफ्तार, ममता बनर्जी के समर्थन के कुछ घंटे बाद कार्रवाई

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘इनमें तीन नंदीग्राम और एक खेजुरी थाने में दर्ज मामले शामिल हैं... ये मामले भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज किए गए थे.’’

पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार को कहा कि प्रधान ‘‘फरार’’ थे और उन्हें काफी समय से लंबित चार गैर-जमानती वारंट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. राज्य पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, हत्या की कोशिश, हत्या के इरादे से अपहरण, सबूत मिटाना, घर में जबरन घुसना और घातक हथियारों का इस्तेमाल कर दंगा करने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं. कुछ मामलों में शस्त्र अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं.’’

पुलिस के अनुसार, ‘‘चुनाव और उपचुनाव के दौरान भारत निर्वाचन आयोग की ओर से इस तरह की कार्रवाई के लिए स्थायी निर्देश जारी होते हैं. एक विशेष अभियान के तहत इन निर्देशों का पालन करते हुए प्रधान की गिरफ्तारी होना एक कानूनी कार्रवाई है.’’
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