एसआइआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता, दायर की याचिका
Updated at : 02 Feb 2026 2:20 AM (IST)
विज्ञापन

मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और भारत निर्वाचन आयोग (इसीआइ) के बीच तकरार अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गयी है.
विज्ञापन
चुनाव आयोग व राज्य के सीइओ कार्यालय पर लगाया तानाशाही का आरोप
संवाददाता, कोलकातामुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और भारत निर्वाचन आयोग (इसीआइ) के बीच तकरार अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गयी है. मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग व राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीइओ) कार्यालय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में आयोग पर राजनीतिक पक्षपात और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है. चुनाव आयोग के साथ ही राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को प्रतिवादी बनाया गया है. यह याचिका 28 जनवरी को दायर की गयी. याचिका में राज्य में जारी मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया को सवालिया घेरे में खड़ा किया गया है. इससे पहले एसआइआर को लेकर ही तृणमूल नेता डोला सेन और डेरेक ओ ब्रायन भी याचिका दायर कर चुके हैं. उन पर सुनवाई चल रही है.सुश्री बनर्जी का तर्क है कि जिस संवैधानिक संस्था (इसीआइ) से निष्पक्षता और लोकतंत्र की रक्षा की उम्मीद की जाती है, उसका मौजूदा आचरण बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है. उन्होंने आशंका जतायी है कि एसआइआर की आड़ में एनआरसी को पिछले दरवाजे से लागू करने की एक बड़ी साजिश रची जा रही है. सुश्री बनर्जी ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करे और उचित निर्देश जारी करे ताकि चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे.
उन्होंने केंद्र सरकार से भी इस प्रक्रिया पर जवाबदेही की मांग की है. अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वह बंगाल में चल रहे इस मतदाता सूची संशोधन अभ्यास पर रोक लगाता है या चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कोई कड़ा रुख अपनाता है.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




