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भोज देकर मधुमेह के साथ भी स्वस्थ जीवन जीने का दिया संदेश

Updated at : 07 Jan 2025 1:23 AM (IST)
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भोज देकर मधुमेह के साथ भी स्वस्थ जीवन जीने का दिया संदेश

50 साल पहले निताई प्रमाणिक को मधुमेह रोग से पीड़ित होने का पता चला था. तब वह केवल 24 वर्ष के थे.

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नदिया के 74 साल के निताई प्रमाणिक ने मनायी शुगर रोग से पीड़ित होने की 50वीं वर्षगांठ

प्रतिनिधि, कल्याणी50 साल पहले निताई प्रमाणिक को मधुमेह रोग से पीड़ित होने का पता चला था. तब वह केवल 24 वर्ष के थे. नदिया जिले के पलाशीपाड़ा के रहने वाले निताई प्रमाणिक लंबे समय से मधुमेह से पीड़ित हैं. इस बार उन्होंने शुगर के मरीजों में जागरूकता पैदा करने के लिए अपने मधुमेह निदान की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक भोज का आयोजन किया. शुगर के मरीज भी आमंत्रित थे. मेनू में मछली, मांस, चटनी, मिठाई थी! स्थानीय लोगों के साथ ही दूर-दूराज से आकर मेहमानों ने भोज में शिरकत की. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पचास साल पहले जब वह (निताई प्रमाणिक) शारीरिक समस्याओं को लेकर डॉक्टर के पास गये तो उन्होंने कई जांच के साथ ही शुगर की भी जांच कराने को कहा. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें अत्यधिक शुगर थी. दवा लेने लगे. डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने सुबह की सैर के साथ व्यायाम भी शुरू कर दिया. कुछ साल बाद, शुगर फिर से नियंत्रण से बाहर हो गया. तब से, उन्होंने डॉक्टर की सलाह की उपेक्षा नहीं की है. अब निताई 74 वर्ष के हो गये हैं. 50 वर्षों तक शुगर को नियंत्रण में रखकर उन्होंने एक मिसाल कायम की है. उन्होंने कहा: 24 साल की उम्र से मैं कड़ी मेहनत, व्यायाम करने के साथ डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा ले रहा हूं. मैं अभी भी पूरी तरह स्वस्थ हूं. मेरे शरीर में शुगर की उम्र 50 साल पूरी हो चुकी है. मैंने कुछ स्थानीय लोगों को यह संदेश देने के लिए अपने घर पर आमंत्रित किया कि शुगर के साथ भी कोई लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकता है. एक युवा मधुमेह रोगी नीलोत्पल बसाक (जिन्हें आमंत्रित किया गया था) ने कहा कि निताई प्रमाणिक से सीखने के लिए बहुत कुछ है. शुगर बढ़ जाना ही हर चीज का अंत नहीं है. मुझे बहुत ऊर्जा मिली. मुझे उम्मीद है कि इस बार मैं अपने दिमाग की ताकत से बीमारी से लड़ाई लड़ सकूंगा. निताई ने कैसे किया व्यायाम? स्थानीय निवासी रूपेश मंडल ने कहा कि धूप, तूफान और बारिश उन्हें (नितई) सुबह चलने से कभी नहीं रोक सकती. वह सब कुछ खाते हैं, लेकिन नियंत्रित तरीके से. तेहट्टा महकमा अस्पताल के डॉक्टर फणीभूषण सरकार ने इस संदर्भ में कहा कि आप नियमित दवाएं लेकर और नियंत्रित जीवन जीकर मधुमेह के साथ भी स्वस्थ रह सकते हैं. हम मरीजों को बार-बार यही समझाने की कोशिश करते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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