ePaper

स्कूलों की 25,753 नौकरियों को अमान्य करार देने के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई 15 को

Updated at : 08 Jan 2025 1:32 AM (IST)
विज्ञापन
स्कूलों की 25,753 नौकरियों को अमान्य करार देने के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई 15 को

राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य घोषित करने के कलकत्ता हाइकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट अब 15 जनवरी को सुनवाई करेगा.

विज्ञापन

कोलकाता/नयी दिल्ली. राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य घोषित करने के कलकत्ता हाइकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट अब 15 जनवरी को सुनवाई करेगा. प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने मंगलवार को सुनवाई शुरू होते ही कहा कि उसके सामने दो विकल्प हैं – तीन न्यायाधीशों की पीठ मामले की फिर से सुनवाई करे या इसे दो न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाये, जो 19 दिसंबर से अंतिम दलीलें सुन रही है. मामले में पिछली सुनवाई उसी दिन हुई थी. वकीलों की दलीलों पर गौर करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मामले की सुनवाई 15 जनवरी को दोपहर दो बजे दो न्यायाधीशों की पीठ द्वारा की जायेगी. उस पीठ में प्रधान न्यायाधीश और न्यायमूर्ति कुमार होंगे. शीर्ष अदालत में राज्य सरकार द्वारा दायर याचिका सहित कुल 124 याचिकाएं लंबित हैं. पीठ ने इससे पहले कई प्रक्रियात्मक निर्देश जारी किये थे और चार अधिवक्ताओं को नोडल वकील नियुक्त किया था. पीठ ने उन्हें विभिन्न पक्षों के वकीलों से विवरण प्राप्त करने के बाद इलेक्ट्रॉनिक रूप में एक साझा विवरण दाखिल करने को कहा था. पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश आस्था शर्मा, शालिनी कौल, पार्थ चटर्जी और शेखर कुमार को नोडल वकील नियुक्त किया है. पिछले साल सात मई को, सर्वोच्च अदालत ने राज्य के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को बड़ी राहत दी थी, जिनकी सेवाओं को नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं के आधार पर उच्च न्यायालय ने अमान्य घोषित कर दिया था. हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने सीबीआइ को अपनी जांच जारी रखने की अनुमति दी और कहा कि यदि आवश्यक हो, तो वह राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों की भी जांच कर सकती है. शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि ऐसे शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी जिनकी नियुक्तियां उच्च न्यायालय द्वारा रद्द कर दी गयी थीं, उन्हें वेतन और अन्य भत्ते वापस करने होंगे, यदि वह इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि उनकी भर्ती अवैध थी. शीर्ष अदालत ने कथित भर्ती घोटाले को ‘सुनियोजित धोखाधड़ी’ भी कहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola