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राजभवन में बढ़ीं गतिविधियां, राज्यपाल सीवी आनंद बोस एक्शन में लौटे

Updated at : 25 May 2025 10:53 PM (IST)
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राजभवन में बढ़ीं गतिविधियां, राज्यपाल सीवी आनंद बोस एक्शन में लौटे

राज्यपाल सीवी आनंद बोस अपने डॉक्टरों की सलाह के बावजूद सक्रिय हो गये हैं, जिन्होंने उन्हें काम की गति और यात्राओं को सीमित करने को कहा था.

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कोलकाता. राज्यपाल सीवी आनंद बोस अपने डॉक्टरों की सलाह के बावजूद सक्रिय हो गये हैं, जिन्होंने उन्हें काम की गति और यात्राओं को सीमित करने को कहा था. अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी राज्यपाल ने कई महत्वपूर्ण बिलों और फाइलों का निपटारा किया. उन्होंने पांच लंबित विधेयकों को मंजूरी दी, जिनमें पश्चिम बंगाल नगर एवं ग्राम (योजना एवं विकास) (संशोधन) विधेयक, 2023; पश्चिम बंगाल भूमि सुधार एवं किरायेदारी न्यायाधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2022; पश्चिम बंगाल कराधान न्यायाधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2022; पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग (संशोधन) विधेयक, 2018; और हावड़ा नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2021 शामिल हैं. इसी साल 29 अप्रैल को राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश करने की सिफारिश की. उन्होंने पश्चिम बंगाल सूचना आयोग के लिए दो सूचना आयुक्तों की भी नियुक्ति की. 30 अप्रैल को उन्होंने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के खिलाफ इडी मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी. राज्यपाल ने राज्य सरकार को 31.03.2023 को समाप्त अवधि के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (अनुपालन लेखा परीक्षा) पर सीएजी रिपोर्ट और पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे व स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन के निष्पादन लेखा परीक्षा पर सीएजी रिपोर्ट भी पश्चिम बंगाल विधानसभा में रखने के लिए भेज दी है. राजभवन की कार्य फाइलें, जिनमें पुस्तकालय या उत्तरी द्वार की मरम्मत और खरीद से संबंधित मामले शामिल हैं, का निपटान राज्यपाल नियमित अंतराल पर करते रहे हैं ताकि राजभवन के कामकाज में कोई बाधा न आये. इसी प्रकार, विश्वविद्यालय के मामलों पर भी चर्चा और निपटान किया जाता है, जैसे विदेश में कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए कुलपतियों की छुट्टी मंजूर करना. व्यक्तिगत मोर्चे पर राज्यपाल ने पांच पुस्तकें पूरी की हैं. राज्यपाल ने ””आमने-सामने”” कार्यक्रम भी फिर से शुरू कर दिया है, जिसके तहत लोग फोन पर उनसे बात कर सकते हैं या ईमेल या अनुरोध पर उनसे मिलने आ सकते हैं. हालांकि, चिकित्सा प्रतिबंधों के कारण डॉक्टरों को सीधे राज्यपाल से मिलने आने वाले लोगों के स्वास्थ्य की स्थिति की पुष्टि करनी होगी. बोस ने राजभवन में सभी नियमित गतिविधियां फिर से शुरू कर दी हैं. यह जानकारी सोशल मीडिया पर जारी की गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANDIP TIWARI

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By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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