राशन घोटाला मामले में ईडी फिर से सक्रिय, बंगाल के 12 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

Published by : Ashish Jha Updated At : 10 Apr 2026 1:13 PM

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ईडी की रेड

ED Raid: ईडी अधिकारियों की अलग-अलग टीमें इन सभी स्थानों पर दस्तावेज, लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही हैं, ताकि कथित घोटाले की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके.

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ED Raid: अमित. कोलकाता. पश्चिम बंगाल में बहुचर्चित राशन वितरण घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गयी है. प्रवर्तन (ईडी) ने शुक्रवार सुबह से कोलकाता, हावड़ा, बनगांव और मुर्शिदाबाद समेत कुल 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की. इस कार्रवाई को लेकर राज्य की राजनीति भी एक बार फिर गरमा गयी है. कोलकाता के लार्ड सिन्हा रोड स्थित एक व्यवसायी के कार्यालय में विशेष तौर पर तलाशी ली जा रही है. जांच एजेंसी का दावा है कि राशन वितरण में अनियमितताओं के मामले में इस व्यवसायी का नाम सामने आया है.

राशन गायब होने का मामला

एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि उक्त व्यवसायी की कंपनी के नाम पर किस तरह राशन का वितरण किया गया, किन इलाकों में सामान भेजा गया और इस प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर गड़बड़ी हुई. इसके अलावा कोलकाता के पोद्दार कोर्ट और मिंटो पार्क इलाके में भी एक से अधिक ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. ईडी अधिकारियों की अलग-अलग टीमें इन सभी स्थानों पर दस्तावेज, लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही हैं, ताकि कथित घोटाले की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके.

पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक पर आरोप

गौरतलब है कि राशन घोटाले को लेकर पहले ही राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो चुका है. इस मामले में राज्य के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को भी गिरफ्तार किया गया था. ईडी ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाये थे. हालांकि फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं और इस बार विधानसभा चुनाव के मैदान में भी हैं.

चुनाव में उम्मीदवार हैं मल्लिक

राजनीतिक मोर्चे पर भी यह मुद्दा लगातार गर्म बना हुआ है. तृणमूल कांग्रेस ने ज्योतिप्रिय मल्लिक को उत्तर 24 परगना के हाबड़ा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है. उनके समर्थन में प्रचार करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुलकर उनका बचाव किया था. मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा था कि “बालू (ज्योतिप्रिय) को फंसाया गया है. उन्हें ईर्ष्या के कारण गिरफ्तार किया गया. एजेंसियों को कोई ठोस सबूत नहीं मिला.”

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राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

ईडी की ताजा कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में चुनावी माहौल बना हुआ है. ऐसे में इस छापेमारी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज होने की संभावना है. विपक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के तौर पर पेश कर सकता है.

वित्तीय लेन-देन की गहन जांच

फिलहाल ईडी की टीम सभी 12 स्थानों पर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है. एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि रेशन वितरण की पूरी प्रणाली में किस तरह से कथित तौर पर घोटाला किया गया और इसमें किन-किन लोगों और संस्थाओं की भूमिका रही. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे और नयी कार्रवाई की संभावना जतायी जा रही है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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