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112 फीट की प्रतिमा को मंजूरी देने से डीएम का भी इंकार

Updated at : 28 Sep 2024 1:18 AM (IST)
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112 फीट की प्रतिमा को मंजूरी देने से डीएम का भी इंकार

शुक्रवार को जिलाधिकारी ने पूजा पंडाल को अनुमति नहीं देने के संबंध में विस्तृत जानकारी अदालत में पेश की.

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कोलकाता. राणाघाट में 112 फीट की दुर्गा प्रतिमा की पूजा को जिलाधिकारी ने भी मंजूरी नहीं दी. अब इस मामले में सोमवार को हाइकोर्ट अपना फैसला सुनायेगा. शुक्रवार को जिलाधिकारी ने पूजा पंडाल को अनुमति नहीं देने के संबंध में विस्तृत जानकारी अदालत में पेश की. अब इस दुर्गापूजा का भविष्य कलकत्ता हाइकोर्ट के फैसले पर निर्भर है. इस मामले की सुनवाई सोमवार को होगी. इस पूजा के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने पर समिति ने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. यह मामला पहले मंगलवार को जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की बेंच में आया था, तब न्यायाधीश ने जिला मजिस्ट्रेट को निर्णय लेने का निर्देश दिया था. शुक्रवार को नदिया के जिलाधिकारी ने जानकारी दी है कि सुरक्षा कारणों से इस विशाल प्रतिमा की पूजा की अनुमति नहीं है. पुलिस का कहना है कि इतनी ऊंची प्रतिमा बनने से यहां लोगों की भारी भीड़ जुट सकती है. इससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. प्रशासन कोई जोखिम उठाना नहीं चाहता, इसलिए पूजा की अनुमति नहीं दी जा रही है. पुलिस ने वर्ष 2015 में देशप्रिय पार्क का हवाला देते हुए बताया कि कमेटी ने 88 फीट की दुर्गा प्रतिमा बनायी थी, जिसे देखने के लिए इतनी भीड़ उमड़ी कि उसे संभालने में पुलिस के पसीने छूट गये थे. अंतत: नवरात्रि के दौरान बीच में ही पुलिस प्रशासन ने प्रतिमा दर्शन बंद करा दिया था. राणाघाट का अभियान संघ विश्व की सबसे बड़ी दुर्गा का निर्माण कर आश्चर्यचकित करना चाहता था. क्लब के वकील विकासरंजन भट्टाचार्य ने हाइकोर्ट को बताया कि इस मामले की जानकारी यूनेस्को और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड को दे दी गयी है. पूजा कमेटी की ओर से वकील विकास रंजन भट्टाचार्य और फिरदौस शमीम ने कहा कि क्लब लगभग 50 वर्षों से दुर्गापूजा का आयोजन कर रहा है. किसी भी वर्ष अनुमति को लेकर कोई समस्या नहीं हुई. इस वर्ष 112 फीट ऊंची दुर्गा प्रतिमा बनाने की योजना है, जो एक मिसाल कायम कर सकता है. लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा पंडाल को अनुमति नहीं देने की घोषणा के बाद पुलिस ने जाकर पंडाल का निर्माण रुकवा दिया, इसलिए हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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