गंगासागर पुल की सीएम ने रखी आधारशिला, तीर्थयात्री सड़क मार्ग से जा सकेंगे सागरद्वीप

South 24 Parganas: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee during laying of the foundation stone for the 'Gangasagar Setu', a nearly 5-km-long bridge over the Muriganga river to connect Sagar Island, and inauguration of other developmental projects, in South 24 Parganas district, West Bengal, Monday, Jan. 5, 2026. (PTI Photo)(PTI01_05_2026_000247B)
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सागरद्वीप को जोड़ने के लिए मूड़ीगंगा नदी पर लगभग पांच किलोमीटर लंबे पुल की आधारशिला रखी.
सागरद्वीप से अमर शक्ति
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सागरद्वीप को जोड़ने के लिए मूड़ीगंगा नदी पर लगभग पांच किलोमीटर लंबे पुल की आधारशिला रखी. मुख्यमंत्री ने इस क्षण को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि मकर संक्रांति के अवसर पर सागरद्वीप में गंगासागर मेला आयोजित किया जाता है. यहां हर साल लाखों लोग आते हैं. गंगासागर मेले में सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अन्य देशों से भी लोग आते हैं. इस मेले के सफल आयोजन में राज्य सरकार को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सागरद्वीप के चारों ओर पानी है. भू-मार्ग से जुड़ा नहीं होने के कारण यहां पुण्यार्थियों को लंच के माध्यम से मूड़ी गंगा पार करा कर यहां लाना पड़ता है, जोकि काफी चुनौती भरा काम है. पुल का निर्माण हो जाने से तीर्थयात्री सड़क मार्ग से सीधे सागरद्वीप पहुंच सकेंगे. इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यहां काफी हद तक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया है, लेकिन सेतु नहीं होने से यहां हमेशा ही दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. सुश्री बनर्जी ने कहा कि चूंकि सागरद्वीप तटवर्ती इलाका है, इसलिए यहां प्राकृतिक आपदाओं के कारण काफी नुकसान भी होता है. प्राकृतिक आपदा के समय लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाना काफी मुश्किल हो जाता है. सेतु के निर्माण के बाद लोगों तक आसानी से राहत सामग्री पहुंचायी जा सकेगी. यह पुल मूड़ी गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित सागरद्वीप को हर मौसम में सड़क संपर्क उपलब्ध करायेगा. फिलहाल सागर द्वीप तक केवल नौका सेवाओं के माध्यम से पहुंचना संभव है, जो गंगासागर मेले के दौरान तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ और ज्वार-भाटे की स्थिति के कारण अक्सर बाधित हो जाती हैं.
सोमवार को कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल सरकार और निर्माण कार्य का ठेका पाने वाली कंपनी ‘लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड’ (एलएंडटी) के बीच दस्तावेजों का औपचारिक आदान-प्रदान किया गया. अधिकारियों ने बताया कि उम्मीद है कि पुल का निर्माण दो-तीन वर्षों के भीतर पूरा कर लिया जायेगा.
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