बजट पर वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के जवाबी भाषण से पहले भाजपा ने किया वॉकआउट

Published by : AKHILESH KUMAR SINGH Updated At : 07 Feb 2026 1:13 AM

विज्ञापन

विधानसभा में अंतरिम बजट पर चर्चा के दौरान सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक, कटाक्ष और जवाबी हमले हुए.

विज्ञापन

विधानसभा परिसर में किया विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी भी

चर्चा सत्र में नेता प्रतिपक्ष सह भाजपा विधायकों ने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे

संवाददाता, कोलकाता

विधानसभा में अंतरिम बजट पर चर्चा के दौरान सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक, कटाक्ष और जवाबी हमले हुए. उधर. वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य के बजट पर जवाबी भाषण से पहले ही भाजपा के विधायक सदन से वॉकआउट कर गये. दूसरी ओर राजनीतिक दबाव के बीच भाजपा ने बजट पर कई प्रस्ताव रखे. वृद्धा पेंशन की राशि बढ़ाने, विधायक भत्ता बढ़ाने, पूर्व विधायकों की पेंशन राशि को बढ़ाने से लेकर राज्य सरकार के जनकल्याण योजनाओं को ज्यादा पारदर्शी तरीके से बताने तक. कुल मिलाकर विपक्ष ने बजट चर्चा में कई मुद्दे उठाये.

नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इस बारे में वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य से अपील की. शुभेंदु के मुताबिक, पड़ोसी राज्य झारखंड में विधायकों के लिए एरिया डेवलपमेंट फंड की रकम पांच करोड़ रुपये है, लेकिन पश्चिम बंगाल में यह सिर्फ 70 लाख रुपये है. उन्होंने मांग की कि यह रकम कम से कम दो करोड़ रुपये होनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने यह भी अपील की कि पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाने के मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाये. शुभेंदु ने दावा किया कि अभी राज्य में 105 पूर्व विधायक हैं, जिनमें अधिकतर वाममोर्चा के हैं, बाकी कांग्रेस और तृणमूल के हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को पूर्व विधायकों की फाइनेंशियल सिक्योरिटी के मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए. शुभेंदु ने यह भी बताया कि भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य भी पूर्व विधायक हैं.

दूसरी ओर, भाजपा लेजिस्लेटिव पार्टी के चीफ इंफॉर्मेंट शंकर घोष ने वृद्धा पेंशन भत्ते को लेकर एक प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा, लक्खी भंडार स्कीम के लाभार्थी को 60 साल की उम्र होते ही सीधे वृद्धा भत्ते के लिए पंजीकृत किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि लक्खी भंडार योजना के तहत मासिक भत्ता में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है, लेकिन बजट में वृद्धा पेंशन के लिए कोई नयी घोषणा नहीं है. चूंकि बजट स्पीच में इसका कोई साफ जिक्र नहीं है, इसलिए उन्होंने वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य से इस मामले पर फिर से विचार करने की अपील की.

दूसरी ओर भाजपा विधायक और अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी ने राज्य सरकार की जनकल्याण योजनाओं को ज्यादा पारदर्शी और जानकारी के आधार पर पेश करने की मांग की. अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा कि राज्यपाल के सदन में हुए अभिभाषण से यह बात सामने आयी है कि राज्य में कुल 94 जनकल्याण योजनाएं चल रही हैं. वे योजनाएं कब शुरू हुईं, कितने लाभार्थी हैं, कौन आवेदन कर सकते हैं, कितना पैसा दिया गया और असल में कितना खर्च हुआ है. इन सभी जानकारियों के साथ एक बुकलेट जारी की जाये. उनके मुताबिक इससे न सिर्फ आम लोगों को फायदा होगा, बल्कि सरकार के काम की पारदर्शिता भी बढ़ेगी.

इस वजह से भाजपा ने किया वॉकआउट: भाजपा के उक्त सभी प्रस्तावों पर वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा ने जवाब देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने आशोक लाहिड़ी कटाक्ष किया. इस पर भाजपा शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में भाजपा विधायक शंकर घोष पार्टी के अन्य विधायकों के साथ वॉकआउट कर गये. उनका आरोप था कि वित्त राज्य मंत्री ने अपने जवाबी भाषण में बालुरघाट से भाजपा विधायक अशोक लाहिड़ी का अपमान किया है. वॉकआउट से पहले चंद्रिमा ने कहा- शंकर बाबू ने अपने भाषण में कहा कि लक्खी भंडार में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है, लेकिन उसके हिसाब से वृद्धा पेंशन का जिक्र नहीं किया गया. लक्खी भंडार में पंजीकृत महिलाओं की उम्र 60 साल होते ही उन्हें सीधे वृद्धा पेंशन मिलने लगता है. जब लक्खी भंडार में 500 रुपये बढ़ेंगे, तो वृद्धा पेंशन में भी आम नियमों के हिसाब से 500 रुपये बढ़ जायेंगे, इसलिए इसे अलग से बताने की जरूरत नहीं है.

विज्ञापन
AKHILESH KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola