ePaper

भारत का औद्योगिक रत्न था बंगाल, अब कर्ज में डूबा : शुभेंदु

Updated at : 19 Dec 2025 1:25 AM (IST)
विज्ञापन
भारत का औद्योगिक रत्न था बंगाल, अब कर्ज में डूबा : शुभेंदु

नेता प्रतिपक्ष ने तृणमूल सरकार पर साधा निशाना

विज्ञापन

नेता प्रतिपक्ष ने तृणमूल सरकार पर साधा निशाना कोलकाता. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 साल के कार्यकाल पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि एक समय भारत का औद्योगिक रत्न रहा पश्चिम बंगाल अब कर्ज से दबा हुआ राज्य बन गया है. शुभेंदु अधिकारी ने अपने पोस्ट में लिखा : ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल को 7.71 लाख करोड़ के कर्ज के नीचे दबा दिया है (उनके कार्यभार संभालने के बाद से 305 प्रतिशत की वृद्धि), जिससे बंगाल में पैदा होने वाले हर नवजात शिशु पर उनके पहले रोने से पहले ही 76,766 रुपये का कर्ज आ जाता है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल राज्य की हर 100 की कमाई में से 38 ऋण चुकाने में खर्च हो जाते हैं – जो एफआरबीएम सीमा से दोगुना है, जबकि बुनियादी ढांचे से संबंधित प्रमुख विभाग जैसे सड़क (2.2 प्रतिशत बजट आवंटन), ऊर्जा (1.2 प्रतिशत बजट आवंटन), और सिंचाई (1.7 प्रतिशत बजट आवंटन) ध्वस्त हो रहे हैं. शुभेंदु ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने तीन वर्षों में वोट बैंक के लिए 1.07 लाख करोड़ खर्च किये, जबकि वास्तविक विकास की अनदेखी की गयी. उन्होंने कहा कि कारखाने यहां से जा रहे हैं. छह हजार 688 कंपनियां महाराष्ट्र और गुजरात में शिफ्ट हो गयीं. भाजपा नेता ने बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजीबीएस मेेंं 24 लाख करोड़ का मृगतृष्णा जिसमें केवल तीन प्रतिशत ही वितरित किया गया. सिंगुर के भूत हमें आज भी सताते हैं – बंजर जमीन, नौकरियां गयीं, जबकि वह नकली एमओयू की परेड करती हैं. शुभेंदु ने दावा किया कि सीएजी (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) ने लूट को उजागर किया है : कम बताया गया घाटा, छिपी हुई उधारी, घोटालों की भरमार. हमारे युवा ”प्रवासी श्रमिक” के रूप में पलायन कर रहे हैं जबकि ममता बनर्जी की लंदन और स्पेन यात्राओं से शून्य परिणाम मिले. अपनी पोस्ट के अंत में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल आर्थिक सुधार, रोजगार, कारखानों का हकदार है, न कि राजकोषीय धोखाधड़ी का. इसलिए बंगाल को बचाने के लिए यहां भाजपा सरकार जरूरी है. उन्होंने अपनी पोस्ट में भारतीय उद्योग परिसंघ, फिक्की, एसोचैम, नैसकॉम और कई अन्य व्यापार संगठनों को टैग किया है. इन गंभीर आरोपों पर खबर लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयी थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANDIP TIWARI

लेखक के बारे में

By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola