चुनाव आयोग ने खारिज की बंगाल सरकार की अपील, केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में पश्चिम बंगाल के 25 वरिष्ठ अधिकारियों की लिस्ट जारी

Updated at : 04 Feb 2026 5:36 PM (IST)
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चुनाव आयोग का कार्यालय

Bengal election:चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में पश्चिम बंगाल के 25 वरिष्ठ अधिकारियों की सूची जारी की है. यह सूची, पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से भेजी गई सूची से अलग है. इस लिस्ट के जारी होने के बाद राज्य सरकार- चुनाव आयोग के बीच संघर्ष और तेज हो सकता है.

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Bengal election:कोलकाता. पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है. पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के लिए राज्य सरकार ने जो अधिकारियों की सूची भेजी थी, चुनाव आयोग ने उसे खारिज कर दिया है. चुनाव आयोग ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के 25 वरिष्ठ अधिकारियों की सूची जारी की है. चुनाव आयोग की ओर से जारी सूची में कई नाम ऐसे हैं, जो राज्य सरकार की सूची में नहीं थे. बुधवार को चुनाव आयोग ने सीईओ के कार्यालय को एक ईमेल के माध्यम से इसकी जानकारी दी है.

राज्य सरकार की अपील खारिज

ईमेल में बताया गया है कि राज्य सरकार की सूची में से केवल 10 आईपीएस और आईएएस अधिकारियों की सूची यथावत रहेगी. गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना समेत दो मुख्य पुलिस कमांडरों का नाम इसमें अहम है. हावड़ा के मुख्य पुलिस कमांडर प्रवीण त्रिपाठी, उलगनाथन, संजय बंसल और शुभजन दास के नाम भी सामने आए हैं. इस स्थिति में, राज्य सरकार द्वारा एक आवेदन किया गया कि चूंकि वे बहुत वरिष्ठ हैं, इसलिए उनके स्थान पर अन्य नामों को स्वीकार किया जाना चाहिए. बुधवार को एक ईमेल में आयोग ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा निर्दिष्ट सूची यथावत रहेगी.

5 फरवरी से दिल्ली में प्रशिक्षण

दिल्ली में अगले गुरुवार से पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण शुरू हो रहा है. केंद्रीय पर्यवेक्षकों के लिए निर्धारित ब्रीफिंग बैठक 5 और 6 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी. चुनाव के दौरान आईपीएस-आईएएस रैंक के अधिकारियों को बाहरी पर्यवेक्षक के रूप में भेजना आयोग के नियमों के अंतर्गत आता है, लेकिन इस बात के बहुत कम सबूत हैं कि किसी राज्य के गृह सचिव या सीपी पद्म श्री सूची में शामिल अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में अन्य राज्यों में भेजा गया है. चुनाव आयोग के इस कदम से राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ना तय माना जा रहा है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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