नवरात्रि में मांसाहार विवाद : बाबा बागेश्वर ने दी बयान पर सफाई, बोले- किसी के खान-पान पर नहीं की टिप्पणी

Updated:
विज्ञापन

बाबा बागेश्वर

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

बाबा बागेश्वर (धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) ने अपने हालिया बयान पर सफाई दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मतलब किसी के खान-पान पर टिप्पणी करना नहीं था, बल्कि वे खुद को बंगाल की संस्कृति से जोड़ रहे थे. जानें क्या था पूरा मामला.

विज्ञापन

कोलकाता से श्रीकांत शर्मा की रिपोर्ट

विज्ञापन

ग्लास्गो (स्कॉटलैंड) में कथा के दौरान बाबा बागेश्वर (धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) ने बागेश्वर धाम फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर स्पष्ट किया कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है. बाबा बागेश्वर ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से बलि प्रथा के समर्थक नहीं हैं. उनका मानना है कि किसी बेकसूर जीव की बलि लेना सही नहीं है.

बंगाल की संस्कृति से खुद को जोड़ा

अपने पूर्व के बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि लोगों ने उनके बयान को गलत तरीके से समझा और उसका गलत अर्थ निकाल लिया. उन्होंने कहा कि वे खुद को बंगाल की संस्कृति और संतों ( स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस) को मानने वाले हैं, इसलिए वे किसी के खान-पान या भोजन पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे थे.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

बाबा बागेश्वर ने क्या कहा था

हावड़ा के लिलुआ रेलवे वर्कशॉप मैदान में 4 से 6 सितंबर तक आयोजित हनुमंत कथा के दौरान बाबा बागेश्वर ने बंगाल की दुर्गा पूजा और उस दौरान होने वाले कार्मकांडों पर टिप्पणी करते हुए बंगाल वासियों से कुछ आग्रह किया था. इस बयान के बाद कई राजनीतिक दलों और नेताओं ने इसे बंगाली संस्कृति और खान-पान की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया है.

Also Read: शुभेंदु अधिकारी ने ठुकराई विश्व हिंदू परिषद की मांग, बोले- दुर्गा पूजा में मांसाहार पर रोक नहीं

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola