आरटीजीएस स्लिप में हेरफेर कर 3.88 लाख की धोखाधड़ी

महानगर में एक सरकारी बैंक की रवींद्र सरणी शाखा में एक जालसाज ने बैंक की प्रक्रिया का फायदा उठाकर 3.88 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है.
संवाददाता, कोलकाता
महानगर में एक सरकारी बैंक की रवींद्र सरणी शाखा में एक जालसाज ने बैंक की प्रक्रिया का फायदा उठाकर 3.88 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है. बैंक की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की है. घटना गिरीश पार्क थानांतर्गत रवींद्र सरणी इलाके की है. जानकारी के अनुसार महानगर के एक सरकारी बैंक में एक प्राइवेट फर्म का एक ओवरड्राफ्ट खाता है, जिसके अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता अजय कुमार माहेश्वरी और संजय माहेश्वरी नामक दो लोग हैं. आरोप है कि 10 अक्तूबर 2025 को दोपहर करीब एक बजे, फर्म की ओर से 3.88 लाख रुपये का चेक और आरटीजीएस स्लिप बैंक में जमा किया गया था.
शिकायत के अनुसार, उसी समय एक अज्ञात व्यक्ति ने मौका पाकर काउंटर से मूल आरटीजीएस/एनईएफटी स्लिप बदल दी. उसने उस पर जाली हस्ताक्षर और नकली स्टाम्प लगाकर लाभार्थी का नाम बदल दिया. इस तरह से बैंक कर्मियों को गुमराह कर दोपहर 3.16 बजे वह लेनदेन प्रोसेस करवा लिया. राशि हावड़ा के शिवपुर स्थित एक सरकारी बैंक में प्रणब बनर्जी नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर दी गयी. शाम करीब छह बजे अजय कुमार माहेश्वरी ने बैंक को सूचित किया कि उनके द्वारा बताये गये लाभार्थी को राशि प्राप्त नहीं हुई है. उसी दिन बैंक ने दूसरे बैंक के शाखा प्रबंधक को ईमेल के माध्यम से सूचित किया कि फ्रॉड अकाउंट को ‘डेबिट फ्रीज’ कर दिया गया है, ताकि राशि निकाली न जा सके. बाद में बैंक प्रबंधन की ओर से गिरीश पार्क थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है.
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