ज्ञानी विज्ञानी हो गये केवट की भक्ति से : मैथिलीशरण
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Feb 2020 4:54 AM
कोलकाता : प्रेम भक्ति की कक्षा का विज्ञान है, जिसको पढ़े बगैर कोई धर्म और कोई ज्ञान परिपूर्ण नहीं हो सकता है. भगवान को केवल प्रेम प्यारा है. यही विज्ञान को जानना भक्ति है. उसमें कपट छल छिद्र मिला देने से खटास आ जाती है, जो भगवान को प्रिय नहीं है. दोष, दु:ख और दरिद्रता […]
कोलकाता : प्रेम भक्ति की कक्षा का विज्ञान है, जिसको पढ़े बगैर कोई धर्म और कोई ज्ञान परिपूर्ण नहीं हो सकता है. भगवान को केवल प्रेम प्यारा है. यही विज्ञान को जानना भक्ति है. उसमें कपट छल छिद्र मिला देने से खटास आ जाती है, जो भगवान को प्रिय नहीं है. दोष, दु:ख और दरिद्रता का मिट जाना ही राम राज्य का प्रथम घाट है. केवट के जिस घाट पर राम आये. जब दोष कैकेयी में दिखना बंद होकर केवट को वर्तमान में प्रभु श्रीराम के रुप सौंदर्य का आनंद आने लगा.
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