भाजपा सबका साथ, सबका विकास के नाम पर हिंदू राष्ट्र बनाने के प्रयास में : थरूर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Jan 2020 2:09 AM
कोलकाता : भाजपा कहती है :‘सबका साथ, सबका विकास’ पर उनके पास विकास का कोई एजेंडा नहीं होने के चलते भारतीय जनता पार्टी अब एक ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाना चाहती है. असली ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ सत्ताधारी पार्टी है, जो देश को टुकड़ों-टुकड़ों में बांट रही है. सत्ताधारी पार्टी के एजेंडे में विकास नहीं है, इसलिए ये हिंदू […]
कोलकाता : भाजपा कहती है :‘सबका साथ, सबका विकास’ पर उनके पास विकास का कोई एजेंडा नहीं होने के चलते भारतीय जनता पार्टी अब एक ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाना चाहती है. असली ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ सत्ताधारी पार्टी है, जो देश को टुकड़ों-टुकड़ों में बांट रही है. सत्ताधारी पार्टी के एजेंडे में विकास नहीं है, इसलिए ये हिंदू राष्ट्र बनाने के अपने एजेंडे को पूरी तरह लागू कर रही है.
ये बातें कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बुधवार को‘टाटा स्टील कोलकाता लिटरेरी मीट’ में कहीं. श्री थरूर ने इतिहास से जोड़ते हुए कहा कि मोहम्मद बिन तुगलक ने कहा था कि देश के बीच में राजधानी होनी चाहिए. इससे कितने लोगों को कितनी दिक्कत हुई.
ठीक उसी प्रकार मोदी जी ने काला धन को बंद करने के लिए नोटबंदी लागू की. इससे कितने लोगों को कितनी दिक्कत हुई, क्या देश से काला धन गायब होनेवाला है. लेकिन अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया. उन्होंने कहा कि देश में भारी बेरोजगारी है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं और महंगाई बढ़ रही है. इस पर मौजूदा सरकार का ध्यान नहीं है.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार के पास विकास की मानसिकता ही नहीं है. उन्होंने कहा : असली टुकड़े-टुकड़े गैंग सत्ताधारी पार्टी है, जो देश को टुकड़ों-टुकड़ों में बांट रही है. बांटो और राज करो की तर्ज पर पार्टी हमें उसी तरह बांट रही है, जैसा कि ब्रिटिश राज में किया गया.
‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ इस शब्दावली का इस्तेमाल अक्सर दक्षिणपंथी दल की तरफ से विपक्ष पर हमला करने के लिए किया जाता है, खासतौर से वापपंथी दलों और समर्थित संगठनों के लिए. उन्होंने कहा : क्या राष्ट्रीयता का आधार धर्म होना चाहिए? महात्मा गांधी ने एक धर्मनिरपेक्ष भारत की बात की, पाकिस्तान की तरह नहीं, जो इस्लामिक देश बन गया.
श्री थरूर ने कहा : हमारा संविधान सभी के लिए गरिमा और सम्मान को दर्शाता है. साथ ही संविधान ने धर्म आधारित नागरिकता के विचार को अनिवार्य रूप से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि भारत में पहली बार नागरिकता तय करने के लिए धर्म को आधार माना जा रहा है और एक धर्म, इस्लाम को इससे बाहर रखा जा रहा है. श्री थरूर ने कहा कि हम भारत के नागरिक हैं, यह साबित करने की जिम्मेदारी हमारे ही ऊपर होगी.
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता हमेशा स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण का जिक्र करते हैं, जिसमें सभी धर्मों के लोगों को बहनों और भाइयों कहकर संबोधित किया गया था. लेकिन भाजपा ने इसे छह धर्मों और तीन देशों तक सीमित कर दिया है. तुगलकी अंदाज में नोटबंदी लागू की और अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया. उन्होंने कहा कि देश में भारी बेरोजगारी है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं और महंगाई बढ़ रही है.
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