मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सदन को बताया- खेती नहीं करना चाहते सिंगूर के किसान
Updated at : 11 Jul 2019 1:47 AM (IST)
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विधानसभा : माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती के सवाल पर मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कोलकाता : कभी सिंगूर में खेती करने के लिए किसानों ने आंदोलन किया था, जिसकी वजह से टाटा कंपनी को अपनी नैनो कार परियोजना को अन्यत्र ले जाना करना पड़ा था. लेकिन आज उसी सिंगूर के किसान अब खेती करना नहीं […]
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विधानसभा : माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती के सवाल पर मुख्यमंत्री ने सदन को बताया
कोलकाता : कभी सिंगूर में खेती करने के लिए किसानों ने आंदोलन किया था, जिसकी वजह से टाटा कंपनी को अपनी नैनो कार परियोजना को अन्यत्र ले जाना करना पड़ा था. लेकिन आज उसी सिंगूर के किसान अब खेती करना नहीं चाहते हैं. हुगली जिले के जिस सिंगूर में किसानों की जमीन को टाटा की नैनो परियोजना के लिए अधिग्रहण से रोकने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने व्यापक आंदोलन किया था, उस जमीन पर अब वहां के किसान खेती करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं.
बुधवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक सवाल का जवाब देते हुए स्वीकार किया कि सिंगूर के किसान अब वहां खेती करना नहीं चाहते. विधानसभा में माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने पूछा था कि सिंगूर के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए राज्य सरकार ने क्या किया है. क्या उनकी खेती बढ़ी है.
इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से जीत मिलने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने सिंगूर के अधिकतर किसानों को उनकी जमीन लौटा दी है, लेकिन वहां के अधिकतर किसान खेती करने को इच्छुक नहीं हैं. ऐसे में राज्य सरकार क्या कर सकती है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में सिंगूर में 260 एकड़ जमीन पर 792 किसानों ने खेती है. उन्होंने कहा कि सिंगूर के किसानों को हर तरह से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार कोशिश कर रही है. वहां स्वायल टेस्ट भी किया गया है. वहां की जमीन खेती करने के लिए उपयुक्त है.
माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने पूछा कि कृषि विभाग ने सिंगूर के किसानों की भलाई के लिए क्या-क्या कदम उठाये हैं? इसके जवाब में कृषि मंत्री आशीष बनर्जी ने कहा कि धान, गेहूं, मक्का जैसी फसलों की पैदावार हो रही है. वहां कोई जमीन खाली नहीं है. हालांकि आशीष बनर्जी के इस जवाब के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि सिंगूर में अब भी 42 एकड़ जमीन खाली पड़ी है.
उसके मालिक के बारे में पता नहीं लग सका है. उन्होंने भूमि सुधार और राजस्व विभाग को निर्देश दिया है कि खाली पड़ी जमीन के मालिक का पता लगाकर जल्द से जल्द यह जमीन उन्हें आवंटित की जाये. उन्होंने कहा कि सिंगूर क्षेत्र में कोई भी जमीन खाली नहीं रखी जायेगी. दरअसल सिंगूर के किसानों का आरोप है कि नैनो परियोजना के लिए अधिग्रहित की गयी जमीन अब खेती लायक नहीं बची है.
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