पश्चिम बंगाल में भाजपा ने ''काला दिवस'' मनाया, हिंसा के खिलाफ निकालीं रैलियां
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Jun 2019 8:06 PM
बशीरहाट/कोलकाता : भाजपा ने पश्चिम बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं की हत्या और ‘बिगड़ती’ कानून व्यवस्था के विरोध में सोमवार को ‘काला दिवस’ मनाया. पार्टी ने कोलकाता एवं अन्य जगहों पर रैलियां निकालीं तथा बशीरहाट में बंद बुलाया. संदेशखली में शनिवार को संघर्ष के बाद उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट संभाग में हालात तनावपूर्ण रहे. […]
बशीरहाट/कोलकाता : भाजपा ने पश्चिम बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं की हत्या और ‘बिगड़ती’ कानून व्यवस्था के विरोध में सोमवार को ‘काला दिवस’ मनाया. पार्टी ने कोलकाता एवं अन्य जगहों पर रैलियां निकालीं तथा बशीरहाट में बंद बुलाया. संदेशखली में शनिवार को संघर्ष के बाद उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट संभाग में हालात तनावपूर्ण रहे. शनिवार की हिंसा में तीन लोगों की जान चली गयी, जिनमें दो भाजपा के और एक तृणमूल कांग्रेस का कार्यकर्ता थे. दोनों पार्टियों ने दावा किया कि उसके कुछ कार्यकर्ता अब भी लापता हैं. हालांकि, प्रशासन ने ऐसे किसी भी दावे को खारिज कर दिया.
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कोलकाता से करीब 70 किलोमीटर दूर बशीरहाट में 12 घंटे के बंद के दौरान अधिकतर दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यहां रैलियां निकालीं और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की. भाजपा कार्यकर्ताओं ने बशीरहाट में कई जगहों पर सड़कों तथा रेलवे पटरियों को अवरुद्ध कर वाहनों और रेलगाड़ियों की आवाजाही बाधित की. बशीरहाट से लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की नुसरत जहां ने जीत दर्ज की है.
अधिकारियों ने बताया कि इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया. भाजपा को रविवार को ही पुलिस ने शनिवार की हिंसा में मारे गये कार्यकर्ताओं के शवों को कोलकाता लाने से रोका. राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और उन्हें कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया. रविवार तक संदेशखली में झड़पों में मारे गये कम से कम तीन लोगों के शव बरामद किये गये थे, जबकि कई अन्य लापता थे.
भाजपा ने दावा किया है कि उसके पांच कार्यकर्ता मारे गये थे, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया था कि उसका एक कार्यकर्ता मारा गया. गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को एक परामर्श भेजा था, जिसमें राज्य में ‘हिंसा’ पर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त की गयी तथा कानून और व्यवस्था बनाये रखने के लिए कहा गया था. केंद्र के पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने दावा किया कि राज्य में स्थिति ‘नियंत्रण’ में है और उसकी कानून लागू करने वाली एजेंसियों की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है. मुख्य सचिव मलय कुमार डे ने लिखा कि हिंसा के सभी मामलों में बिना देरी के कड़ी और उचित कार्रवाई की गयी.
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