कोलकाता : देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले माकपा और कांग्रेस ने राज्य में अपनी जमीन-स्तर की स्थिति का आकलन करना शुरू किया है.गौरतलब है कि राज्य में दोनों पार्टियों के जनाधार में लगातार कमी आ रही है. हाल ही में हुए पंचायत चुनाव में भाजपा मुख्य विपक्षी दल बनने के मार्ग की ओर अग्रसर होती नजर आ रही है जो माकपा व कांग्रेस से लिये मुश्किल बढ़ाने जैसी वाली बात है.
सूत्रों के अनुसार माकपा और कांग्रेस को उम्मीद है कि जमीनी स्तर के आकलन से उन्हें अपनी ताकत और कमजोरियों के बारे में समझने का मौका मिलेगा ताकि अगले लोकसभा चुनाव में वे बेहतर तरीके से मुकाबला कर पायें.
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य हन्नान मोल्ला ने कहा कि पश्चिम बंगाल समेत सभी राज्य इकाइयों को अगली केंद्रीय समिति की बैठक में अपनी संगठनात्मक स्थिति से आधारित रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है. इसके बाद पार्टी में राज्य के हिसाब से राजनीतिक रणनीति के बारे में चर्चा की जायेगी. मौजूदा समय में राज्य में 42 लोकसभा सीटों में से तृणमूल कांग्रेस के पास 34, भाजपा के पास दो, कांग्रेस के पास चार और माकपा के पास दो सीटें हैं.
दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व, जमीनी स्तर पर स्थिति के बारे में अपने जिला स्तर से जानकारी एकत्र कर रही है. बंगाल की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा उनका लक्ष्य उन चार लोकसभा सीटों को अपने कब्जे में रखते हुए ज्यादा सीट हासिल करने का है.
