कोलकाता : सॉल्टलेक सेक्टर पांच से हॉकरों को हटाने पर कलकत्ता हाइकोर्ट ने स्थगनादेश लगा दिया है. 30 अगस्त तक हॉकरों को हटाने पर स्थगनादेश लगाया गया है. साथ ही हॉकर उच्छेद के संबंध में राज्य सरकार क्या कानून लाने जा रही है वह भी अदालत को हलफनामे में बताने का निर्देश न्यायाधीश देवांशु बसाक ने दिया है. मामले की अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी.
सोमवार को मामले की सुनवाई में याचिकाकर्ता हॉकर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वकील विकासरंजन भट्टाचार्य व देवाशीष बंद्योपाध्याय ने कहा कि अग्रिम नोटिस या निर्देश के बगैर ही हॉकर उच्छेद करने के लिए गत शुक्रवार को अचानक ही सॉल्टलेक के सेक्टर फाइव में प्रशासन व एनआइडीए (नवदिगंत इंडस्ट्री डेवलपमेंट एसोसिएशन) की ओर से माइकिंग की गयी.
लिहाजा इतने वर्षों से वहां दुकान चलाने के बाद अचानक ही रोजगार को लेकर हॉकर संशय में घिर गये हैं. समझ नहीं पा रहे हैं कि वह क्या करें. इसके अलावा दो वर्ष पहले हॉकर उच्छेद को लेकर नया कानून लाने का निर्देश हाइकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने दिया था.
लेकिन इसे लागू न करके व पुनर्वास के संबंध में कोई आश्वासन दिये बगैर सरकार ऐसा नहीं कर सकती. इस संबंध में राज्य की ओर से एडवोकेट जनरल किशोर दत्त ने कहा कि जितनी दुकानों को सेक्टर फाइव के उस हिस्से में व्यवसाय की अनुमति दी गयी थी वर्ष के भीतर ही अवैध रूप से उससे दोगुने दुकानें बन गयीं. उनका यह भी कहना था कि शहर के सौंदर्यीकरण के लिए सॉल्टलेक के तीन रास्तों को नो वेंडिग जोन के तौर पर एनआइडीए ने चिह्नित किया है.
इसलिए वहां से हॉकरों को अन्यत्र ले जाने की योजना बनायी जा रही है. यह उनके साथ विचार विमर्श करके तय किया जायेगा. इस बाबत नया कानून भी राज्य सरकार लाने वाली है. यह लागू होने पर उनके साथ चर्चा करके वहां से उन्हें हटाया जायेगा. उधर, हाइकोर्ट का स्थगनादेश आने से सेक्टर-5 के हॉकरों में खुशी की लहर दौड़ गयी.
