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ग्राउंड जीरो रिपोर्ट : पश्चिम बंगाल के बादुड़िया में सांप्रदायिक हिंसा का दर्द तो लंबे अरसे तक रहेगा

Updated at : 06 Jul 2017 10:11 AM (IST)
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ग्राउंड जीरो रिपोर्ट : पश्चिम बंगाल के बादुड़िया में सांप्रदायिक हिंसा का दर्द तो लंबे अरसे तक रहेगा

पुलिस की गश्त के बाद भी उपद्रवी सड़कों पर उतरे बादुड़िया, डाडीहाट, आमतला, मयलाखोला, मायेरबाजार, टी मोहनी और फाल्गुनी सिनेमा हॉल इलाके में उपद्रवी लोगों की संपत्ति को निशाना बना रहे कोलकाता/बादुड़िया: उत्तरपश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के बादुड़िया में फैली हिंसा की तपिश में बशीरहाट सब डिवीजन अभी भी झुलस रहा है. अर्द्धसैन्य […]

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पुलिस की गश्त के बाद भी उपद्रवी सड़कों पर उतरे
बादुड़िया, डाडीहाट, आमतला, मयलाखोला, मायेरबाजार, टी मोहनी और फाल्गुनी सिनेमा हॉल इलाके में उपद्रवी लोगों की संपत्ति को निशाना बना रहे
कोलकाता/बादुड़िया: उत्तरपश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के बादुड़िया में फैली हिंसा की तपिश में बशीरहाट सब डिवीजन अभी भी झुलस रहा है. अर्द्धसैन्य बल के जवानो‍ं और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अभी भी लोग सहमे हुए हैं.
बाजार व शिक्षण संस्थानों में ताला लगा हुआ है. सड़कों से वाहन नदारद हैं. रह रहकर पुलिस का सायरन या फिर मेटाडोर पर माइक लगाकर लोगों में शांति व्यवस्था की अपील करते अर्द्धसैनिक बल के जवानों का दस्ता नजर आ रहा है.
स्थानीय निवासी सुकुमार बनर्जी ने बताया कि दंगाइयों ने जिस तरह से लूटपाट और हंगामा मचाया है. उसका दर्द लंबे अरसे तक बरकरार रहेगा. उनके मुताबिक वक्त रहते ही अगर प्रशासन मामले की गंभीरता को समझते हुए कार्रवाई करता तो इतने लोगों को हिंसा की चपेट में आने से बचाया जा सकता था.
उन्होंने बताया कि अभी भी हालात काबू में नहीं आ पा रहा है. टेकड़ा पाइकपाड़ा में पुलिस की गश्त के बाद उपद्रवी फिर से सड़कों पर उतर आये, जिनके हमले से कार्तिक घोष नामक एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. इसके अलावा बादुड़िया, डाडीहाट, आमतला, मयलाखोला, मायेरबाजार, टी मोहनी और फाल्गुनी सिनेमा हॉल के सामनेवाले इलाके में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवानों की पोस्टिंग नहीं हो पाने की वजह से मौका देख कर उपद्रवी लोगों की संपत्ति को निशाना बना रहे हैं.
मयलाखोला के शेख हबिबुर के मुताबिक, हिंसा की वजह से बाजार-हाट वगैरह बंद है, दूध की आपूर्ति नहीं होने की वजह से बच्चों को काफी तकलीफ हो रही है. बड़े तो किसी तरह गुजारा कर ले रहे हैं, लेकिन बच्चों को लेकर हर वर्ग को चिंता है. उनकी भी शिकायत प्रशासन से है.
मधुमय बनर्जी के अनुसार, कमारडांगा, साइस्तानगर, तेतुलिया, पीफा जैसे संवेदनशील इलाके में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है. रह रह कर यहां दोनों पक्ष अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रशासन को चाहिए कि इन इलाकों में स्थायी तौर पर हालात सामान्य करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बल का पिकेट बैठाये, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं हो रहा है. ऐसे में लोग डरे सहमे हैं और किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
सड़कों पर इक्का दुक्का लोग नजर आ रहे हैं, लेकिन किसी अनजाने से बात करने से कतरा रहे हैं.मायेरबाजार के दुकानदार समीर दा को अभी भी यकीन नहीं है कि कल तक जिन लोगों के साथ वो हंसते बोलते और अपना सुख-दुख साझा करते थे, वही लोग उनकी दुकान लूटते देख विरोध तक नहीं किये. उनके मुताबिक हालात भले ही सामान्य हो जाये, प्रशासन के दबाव में भले ही इलाके सें हिंसा रुक जाये, लेकिन दिलों में जो दूरियां बढ़ गयी हैं, वह तो पटने से रही .

उत्तरचौबीस परगना का बशीरहाट रहा बंद

कोलकाता : बादुड़िया की घटना के मद्देनजर उत्तर 24 परगना का बशीरहाट बुधवार को पूरी तरह से बंद रहा. बशीरहाट स्थित स्कूल, कॉलेज, बाजार, दुकान, अदालत सभी बंद रहे. बुधवार को बैंक, पोस्ट ऑफिस सभी बंद रहे. इलाके में विभिन्न स्थानों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की तैनाती की गयी थी.
10 गाड़ियों से स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से सुबह सेही पेट्रोलिंग की जा रही थी. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि माइक से रात से लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की जा रही है.
विभिन्न गलियों के मोड़ पर स्थानीय लोग पहरा दे रहे हैं. आज बीएससी प्रथम वर्ष की परीक्षा थी, लेकिन परिवहन व्यवस्था बंद होने के कारण कई परीक्षार्थी परीक्षा नहीं दे पाये. बस, ऑटो सहित छोटी-बड़ी गाड़ियां बंद रहीं. कहीं-कहीं रास्ते में कटे हुए पेड़ फेक दिये गये थे.
पुलिस व स्थानीय प्रशासन की मदद से उन्हें हटाया गया. अस्पताल, नर्सिंग होम सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं में लोग लगातार कई शिफ्ट काम कर रहे हैं. कल से ही मालतीपुर स्टेशन के पास सियालदह जानेवाली हसनाबाद लोकल को रोक कर रखा गया था. आज सुबह 5.44 बजे हसनाबाद लोकल खुली. ट्रेन में पूरी रात यात्री अटके हुए थे. बशीरहाट की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए देगंगा में कंट्रोल रूम खोला गया है.
हावड़ा के पुलिस कमीशन डीपी सिंह देगंगा के कंट्रोल रूम से नियंत्रण करते दिखे. वह बशीरहाट की स्थिति पर नजर रख रहे हैं. उत्तर 24 परगना के पुलिस अधीक्षक भास्कर मुखर्जी बादुड़िया में भी बने हुए हैं. कहीं गड़बड़ी की स्थिति उत्पन्न होने पर पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
केंद्रीय बल के रूट मार्च और मौजूदगी के बावजूद बादुड़िया की स्थिति सामान्य नहीं हुई है. सुबह से ही जगह-जगह हिंसा और झड़प का दौर जारी रहा. हिंसा का असर बारासात और बनगांव के विभिन्न इलाकों में भी देखने को मिला.
सुबह दत्तपुकुर स्टेशन पर भाजपा ने रेल अवरोध किया, जिसकी वजह से सियालदह-बनगांव ट्रेन रूट प्रभावित हो गया. बामनगाछी के बाद बनगांव की तरफ रेल सेवा सामान्य रखने में रेल प्रशासन असमर्थ हो गया. सियालदह-बनगांव शाखा की भी यह हालत रही. मंगलवार को दिनभर इस रूट पर कोई ट्रेन नहीं चली.
रात भर लोग स्टेशन पर ही वक्त गुजारे. बुधवार की सुबह दो ट्रेन चलीं, लेकिन बाद में जब हालात बेकाबू हो गये, तो अप और डाउन शाखा की सभी ट्रेने बंद हो गयीं. मंगलवार से ही केंद्रीय बल और पुलिस के जवान गश्त दे रहे हैं, लेकिन हालात पर अभी तक पूरी तरह से काबू पाने में प्रशासन पूरी तरह से विफल है.
लोगों को सुरक्षा देने में सरकार नाकाम : सलीम
कोलकाता : उत्तर 24 परगना जिला के बादुड़िया मेें दो गुटों के बीच हुए तनाव व वहां के बिगड़े हालात को लेकर माकपा की ओर से राज्य सरकार, पुलिस व प्रशासन की भूमिका की कड़ी आलोचना की गयी है. माकपा सांसद मोहम्मद सलीम ने आरोप लगाया है कि लोगों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार व पुलिस नाकाम साबित हो रही है.
महानगर में वामपंथी कृषक संगठनों के आह्वान पर जब नवान्न अभियान निकाला गया था तब तो पुलिस की भूमिका कुछ अन्य थी. अभियान के दौरान पुलिस बल प्रयोग भी किया गया. मीडिया कर्मियों को भी नहीं बख्शा गया. राज्य में सांप्रदायिक शक्तियां विभेद की राजनीति कर रही हैं. इसके लिए अफवाह फैलाये जाते हैं और सोशल मीडिया साइटों का भी इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में राज्य सरकार, पुलिस व प्रशासन सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कदम क्यों नहीं उठा रही है?
माकपा नेता ने बादुड़िया में लोगों की सुरक्षा, वहां शांतिपूर्ण माहौल कायम किये जाने के मसले को लेकर सर्वदलीय बैठक करने की भी मांग की है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के बीच कथित अनबन के बारे में पूछे जाने पर माकपा नेता ने कहा कि लोगों को उपरोक्त मसले को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं है, जब राज्य में सांप्रदायिक शक्तियों के कारण तनाव की स्थिति बन रही है. पश्चिम बंगाल की संस्कृति कभी भी ऐसी नहीं रही लेकिन मौजूदा समय में होने वाली कई घटनाओं से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य मेें सांप्रदायिक शक्तियां विभेद की राजनीति कर रही हैं.
इसके खिलाफ वामपंथी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक समर्थक लोगों को खड़ा होना होगा. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सांप्रदायिक शक्तियों के बहकावे में न आये ताकि राज्य में शांतिपूर्ण और सौहार्द का माहौल बना रहे.
शांति, भाईचारा व एकता बनाये रखें : डीजीपी
कोलकाता. राज्य पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुरजीत कर पुरकायस्त ने राज्यवासियों से शांति, भाईचारा व एकता बनाये रखने का आह्वान किया है.
उत्तर 24 परगना के बशीरहाट के बादुड़िया की घटना के प्रसंग में बुधवार को जारी एक वीडिया संदेश में श्री पुरकायस्त ने कहा कि कुछ समाजविरोधी तत्व विभिन्न स्तर पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं.
विशेष रूप से सांप्रदायिक संप्रीति नष्ट करने के लिए अफवाह फैलायी जा रही है. यह सब काम सोशल मीडिया को हथियार बना कर किया जा रहा है. डीजीपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट के माध्यम से लोगों के बीच विभाजन तैयार करने की कोशिश की जा रही है. आप सभी से आवेदन है कि इस प्रकार के पोस्ट को लाइक व शेयर न करें. डीजीपी ने कहा कि राज्य के कुछ इलाकों में तनाव उत्पन्न हुआ है. प्रशासन की आेर से आपसे आवेदन कते हैं कि शांति स्थापित करने में हमारी सहायता करें.
शांति, भाईचारा व एकता बनाये रखें. एकता हमारे राज्य की विशेषता है. प्रशासन आपके साथ है. आपकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस मौजूद है. आपकी सु्रक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमलोग प्रतिबद्ध हैं.
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