ePaper

ओएमआर शीट मामले में सीबीआई ने एस बसु रॉय एंड कंपनी के कार्यालय में चलाया तालाशी अभियान

Updated at : 26 Sep 2023 2:45 PM (IST)
विज्ञापन
ओएमआर शीट मामले में सीबीआई ने एस बसु रॉय एंड कंपनी के कार्यालय में चलाया तालाशी अभियान

कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेज में कहा गया है कि ओएमआर शीट की जानकारी बिल्कुल भी विश्वसनीय नहीं है. लेकिन इस मामले में बोर्ड ने कोर्ट के सामने जो पेश किया है वह टाइप की हुई जानकारी है और उस जानकारी में कई सवाल-जवाब के विकल्प भी गलत हैं.

विज्ञापन

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती मामले (Teacher recruitment cases) में सीबीआई की ओर से आज हावड़ा के दासनगर समेत पांच जगहों पर तलाशी ले रही है. मंगलवार सुबह से ही तलाशी अभियान शुरू हो गया है. प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट देखने की जिम्मेदारी ‘एस बसु रॉय एंड कंपनी’ नाम की कंपनी को दी गई थी. उस संस्था के प्रमुख कौशिक माझी को सीबीआई ने निजाम पैलेस में तलब किया था. वह सीबीआई के कोलकाता कार्यालय में पेश हुए. सीबीआई ने उनसे ओएमआर शीट के बारे में पूछताछ भी की थी. सीबीआई मंगलवार को उस संस्था के दफ्तरों, गोदामों और यहां तक ​​कि अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों पर भी तलाशी ले रही है.

ओएमआर शीट की जानकारी बिल्कुल भी विश्वसनीय नहीं

मंगलवार की सुबह हावड़ा के दासनगर थाना अंतर्गत अलामोहन दास रोड पर सीबीआई ने छापेमारी की. जांच एजेंसी के आठ अधिकारियों ने एजेंसी के प्रमुख कौशिक के फ्लैट की तलाशी ली. न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने मामले में एक जांचकर्ता के रूप में सीबीआई की क्षमता पर सवाल उठाया था. उनकी बेंच में टेट की ओएमआर शीट से जुड़े एक मामले की सुनवाई हो रही थी. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि ओएमआर शीट के ‘डिजिटाइज्ड डेटा’ में कई त्रुटियां थीं .कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेज में कहा गया है कि ओएमआर शीट की जानकारी बिल्कुल भी विश्वसनीय नहीं है. लेकिन इस मामले में बोर्ड ने कोर्ट के सामने जो पेश किया है वह टाइप की हुई जानकारी है और उस जानकारी में कई सवाल-जवाब के विकल्प भी गलत हैं.

कोर्ट की  फटकार के 48 घंटे के भीतर सीबीआई ने शुरु की कार्रवाई

वादी की यह बात सुनने के बाद जज ने जांच एजेंसी सीबीआई से सवाल किया. वह जानना चाहते हैं कि यह खामी कैसे रह गयी ? न्यायाधीश ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने वे सभी महत्वपूर्ण सवाल भी नहीं पूछे जो आरोपियों से पूछने की जरूरत थी. इस संबंध में जज ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा, कि सीबीआई ने महत्वपूर्ण सवाल नहीं पूछे हैं. क्या आपको मुझे बताना होगा कि क्या पूछना है ? क्या लोगों को बेवकूफ बनाना आपका काम है ? बेहतर होता कि मामला उलुबेरिया पुलिस स्टेशन को दे दिया जाता. उस फटकार के 48 घंटे के भीतर सीबीआई ने ओएमआर शीट की जांच करने वाले संगठन के प्रमुख को बुलाया था.

Also Read: ममता बनर्जी ने कहा : महिला सशक्तिकरण में बंगाल नंबर 1, न्यूटाउन में विश्वस्तरीय शॉपिंग मॉल खोलेगा लुलु ग्रुप

विज्ञापन
Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola