सीयू : बीए व बीएससी छठे सेमेस्टर की परीक्षाओं के बदले गये केंद्र

Updated at : 13 Jul 2024 11:11 PM (IST)
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सीयू : बीए व बीएससी छठे सेमेस्टर की परीक्षाओं के बदले गये केंद्र

कलकत्ता विश्वविद्यालय (सीयू) को सेमेस्टर परीक्षाओं के केंद्र बदलने का निर्णय लेना पड़ा, क्योंकि लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में भेजे गये केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) ने समय पर कॉलेज खाली नहीं किये हैं. बीए और बीएससी छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जो 16 जुलाई तक चलेंगी. परीक्षा के लिए नये वेन्यू की जानकारी छात्रों को दी गयी. विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जयंत सिन्हा ने एक नोटिस में उल्लेख किया कि महारानी काशीश्वरी कॉलेज, स्कॉटिश चर्च कॉलेज और खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज के सैकड़ों छात्रों के नये केंद्र निर्धारित किये गये.

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कोलकाता.

कलकत्ता विश्वविद्यालय (सीयू) को सेमेस्टर परीक्षाओं के केंद्र बदलने का निर्णय लेना पड़ा, क्योंकि लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में भेजे गये केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) ने समय पर कॉलेज खाली नहीं किये हैं. बीए और बीएससी छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जो 16 जुलाई तक चलेंगी. परीक्षा के लिए नये वेन्यू की जानकारी छात्रों को दी गयी. विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जयंत सिन्हा ने एक नोटिस में उल्लेख किया कि महारानी काशीश्वरी कॉलेज, स्कॉटिश चर्च कॉलेज और खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज के सैकड़ों छात्रों के नये केंद्र निर्धारित किये गये.

विक्टोरिया इंस्टीट्यूशन कॉलेज और बेथ्यून कॉलेज के छात्र, जिन्हें विद्यासागर कॉलेज में परीक्षा देना थ, उनके परीक्षा केंद्र दूसरे संस्थानों में स्थानांतरित कर दिये गये हैं. न्यू अलीपुर कॉलेज के छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र संतोषपुर, दक्षिण 24-परगना के पंचूर कॉलेज से आशुतोष कॉलेज में स्थानांतरित कर दिये गये. सीयू के रजिस्ट्रार देबाशीष दास ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक ने परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रीय बल को हटाने के लिए पत्र लिखा, लेकिन सीएपीएफ ने समय पर परिसर खाली नहीं किया. ऐसे में छात्रों को दूसरे केंद्रों में स्थानांतरित करना पड़ा. चुनाव के बाद की हिंसा को रोकने के लिए चार जून को परिणाम घोषित होने के बाद आयोग ने उनके प्रवास को बढ़ा दिया था.

चूंकि बल की मौजूदगी स्कूलों और कॉलेजों में कक्षाएं संचालित करने में बाधा बन रही थी, इसलिए कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गयी थी. सीयू के एक अधिकारी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि बल को 27 जून से आगे नहीं रोका जा सकता है. ऑल बंगाल प्रिंसिपल्स काउंसिल के अध्यक्ष श्यामलेंदु चटर्जी ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी केंद्रीय बल कॉलेजों में रुका रहा. 27 मई से जुलाई के पहले सप्ताह तक केंद्रीय बल के रहने के दौरान कई कक्षाओं में बेंच क्षतिग्रस्त हो गयीं, इसलिए परीक्षा के लिए दूसरी व्यवस्था करनी पड़ी.

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