बर्नपुर के प्रबीर मल्लिक ने गंवाये 4.65 लाख रुपये, दर्ज हुई प्राथमिकी
Published by :Prabhat Khabar News Desk
Published at :08 Oct 2024 9:58 PM (IST)
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शेयर बाजार में निवेश के नाम पर साइबर ठगों के लूटने का सिलसिला जारी है. बर्नपुर रिवरसाइड टाउनशिप में रोड नंबर एक इलाके के निवासी प्रबीर मल्लिक शेयर बाजार में निवेश करने के लिए इंटरनेट पर सर्च करने के बाद साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस गये और 4.65 लाख रुपये गंवा दिये.
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आसनसोल.
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर साइबर ठगों के लूटने का सिलसिला जारी है. बर्नपुर रिवरसाइड टाउनशिप में रोड नंबर एक इलाके के निवासी प्रबीर मल्लिक शेयर बाजार में निवेश करने के लिए इंटरनेट पर सर्च करने के बाद साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस गये और 4.65 लाख रुपये गंवा दिये. निवेश के बाद कुछ ही दिनों में उनकी राशि बढ़कर 30 लाख रुपये के ऊपर चली गयी. जब निकासी की बारी आयी तो वे फंस गये. उनकी शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 85/24 में बीएनएस की धारा 319(2)/318(4)/316(2)/61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई है. श्री मल्लिक ने अपनी शिकायत में कहा कि शेयर बाजार में निवेश सलाहकार के लिए इंटरनेट पर सर्च करने के बाद वह गत 18 जुलाई को ब्लैक रॉक बिजनेस स्कूल नामक एक संस्था के व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ गये. उस ग्रुप में 150 सदस्य थे. वहां शेयर सुझाव और प्रतिदिन शाम साढ़े सात बजे ऑनलाइन क्लास भी होती थी. उनके द्वारा सुझाये गये शेयर प्रतिदिन 10 से 15 फीसदी मुनाफा दे रहे थे, जिसका स्क्रीनशॉट ग्रुप के सदस्य डालते थे. कुछ दिनों बाद एक लिंक के जरिये उन्हें वीआइपी ग्रुप में शामिल किया गया. उनके एसबीआइ अकाउंट को लिंक करके एक वर्चुअल अकाउंट बनाया गया. दो अकाउंट में उन्हें पैसा ट्रांसफर करने को कहा गया. जो पैसा ट्रांसफर हुआ वह वर्चुअल अकाउंट में अपडेट हो रहा था. छह अगस्त से 14 अगस्त के बीच सात लेनदेन में उन्होंने कुल 4.65 लाख रुपये दोनों अकाउंट में भेजे. 12 अगस्त को वर्चुअल खाते से 50 हजार रुपये की निकासी करने के बाद वह राशि एसबीआइ अकाउंट में आ गयी. साइबर ठग उनपर और अधिक निवेश करने के लिए दबाव बनाने लगे. उन्हें कुछ संदेह हुआ. उस दौरान उनके वर्चुअल अकाउंट में 35 लाख रुपये मुनाफा दिख रहा था. जैसे ही वे पैसे की निकासी करने गये, उन्हें कुल राशि पर 25 फीसदी रकम जमा करने को कहा गया. इसके बाद मामला उन्हें समझ में आ गया कि वह ठगी के शिकार हो चुके हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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