एसआइआर हीयरिंग में एक ही वार्ड के सैकड़ों लोग तलब, रोष

Updated at : 15 Jan 2026 1:37 AM (IST)
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एसआइआर हीयरिंग में एक ही वार्ड के सैकड़ों लोग तलब, रोष

चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से पार्ट 80 में 250 से अधिक और पार्ट 81 में 165 लोगों को हीयरिंग के लिए बुलाया गया है.

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मतदाता-सूची सुधार प्रक्रिया को लेकर उपजा विवाद

रानीगंज. पश्चिम बंगाल में इन दिनों मतदाता-सूची के सुधार के लिए चुनाव आयोग की ओर से एसआइआर हीयरिंग(सुनवाई) की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन रानीगंज के वार्ड 89 के पार्ट नंबर 80 व 81 में भारी संख्या में लोगों को नोटिस देकर बुलाया गया है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच भारी आक्रोश पैदा हो गया है.

कुल वोटर्स के बड़े हिस्से को मिला नोटिस : स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्ट नंबर 80 और 81 में कुल मतदाताओं की संख्या 800 के करीब है. चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से पार्ट 80 में 250 से अधिक और पार्ट 81 में 165 लोगों को हीयरिंग के लिए बुलाया गया है. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के नाम पर संदेह व्यक्त किए जाने को लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है.

पुरानी मतदाता-सूची का हवाला, लोगों में गुस्सा

हीयरिंग के लिए बुलाये गये लोगों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्थानीय युवक मो0 अरफ़ात ने कहा कि ऐसे लोगों को भी नोटिस दिए गए हैं जिनके नाम वर्ष 2002 से मतदाता सूची में दर्ज हैं और जो पिछले दो दशकों से मतदान करते आ रहे हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है की जब हमने 2002 से पहले भी मतदान किया है, तो अचानक हमारे नाम पर संदेह कैसे पैदा हो गया? यह एक मुस्लिम बहुल इलाका है और हमें लगता है कि बेवजह परेशान करने के उद्देश्य से इतनी भारी संख्या में नोटिस जारी किये गये हैं.

तृणमूल नेताओं से हस्तक्षेप की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से गुहार लगाई है। निवासियों ने रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी, पश्चिम बर्द्धमान जिला टीएमसी अध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती और अन्य वरिष्ठ नेताओं से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और चुनाव आयोग के समक्ष इस समस्या को रखें ताकि आम जनता को हो रही परेशानी को दूर किया जा सके.

डर व अनिश्चय का माहौल बड़ी संख्या में हीयरिंग के लिए बुलाए जाने से लोगों में अपने मताधिकार को खोने का डर व्याप्त है.लोगों का कहना है कि एक तरफ कामकाज छोड़कर उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी नागरिकता और पहचान पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर रानीगंज बीडीओ के समक्ष प्रदर्शन कर ज्ञापन भी दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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