बंगाल चुनाव से 4 दिन पहले दुर्गापुर में बंद हो गये मयखाने, शराब पीने वाले परेशान

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दुर्गापुर में बंद पड़ी शराब की दुकान.

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Durgapur Liquor Shops Closed: दुर्गापुर में चुनाव से 4 दिन पहले ही शराब की दुकानें बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है. आबकारी विभाग ने 48 घंटे की बजाय 96 घंटे पहले ही शराबबंदी लागू कर दी है. इसने सुरा प्रेमियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

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Durgapur Liquor Shops Closed| दुर्गापुर, नीरज श्रीवास्तव : पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले आबकारी विभाग और चुनाव आयोग के एक फरमान ने शराब के शौकीनों को परेशान कर दिया है. दुर्गापुर शहर समेत पूरे जिले में सोमवार सुबह से ही शराब की दुकानें बंद कर दी गयीं.

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पहले 48 घंटे पहले बंद होती थीं शराब की दुकानें

आमतौर पर चुनाव से 48 घंटे पहले शराब की दुकानें बंद होती थीं, लेकिन इस बार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए वोटिंग से 96 घंटे यानी पूरे 4 दिन पहले ही दुकानों पर ताला जड़ दिया. अचानक हुए इस फैसले से सुरा प्रेमियों में भारी निराशा और बेचैनी देखी जा रही है.

प्रशासन ने क्यों बदला ड्राई डे का नियम?

आबकारी विभाग के अनुसार, चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अशांति को रोकने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है. अक्सर देखा गया है कि चुनाव से ठीक पहले शराब की मांग काफी बढ़ जाती है. इससे हिंसा और विवाद की आशंका बढ़ जाती है.

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सरकारी शराब डिपो से सप्लाई भी रोकी गयी

प्रशासन का यह भी मानना है कि चुनाव से पहले मतदाताओं को शराब का लालच देकर प्रभावित करने की कोशिश की जाती है. इस प्रलोभन को रोकने के लिए शराबबंदी की अवधि को 48 घंटे से बढ़ाकर 96 घंटे कर दिया गया है. दुकानों के साथ-साथ सरकारी शराब डिपो से भी सप्लाई रोक दी गयी है, ताकि कोई स्टॉक जमा न कर सके.

Durgapur Liquor Shops Closed: दुकानों पर पहुंचे लोग हुए निराश

सोमवार को जैसे ही लोग अपनी नियमित जरूरतों के लिए दुकानों पर पहुंचे, उन्हें वहां सन्नाटा मिला. शराब प्रेमियों का कहना है कि जब वोटिंग में अभी 3 दिन बचे हैं, तो दुकानें आज से ही क्यों बंद कर दी गयीं? कई लोगों ने 20 अप्रैल की रात तक अपनी जरूरत का स्टॉक जुटाने की योजना बनायी थी, लेकिन अचानक दुकानें बंद होने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया.

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पश्चिम बर्धमान की 9 सीटों पर सुरक्षा का पहरा

पश्चिम बंगाल के जिन 16 जिलों में 23 अप्रैल को पहले फेज की वोटिंग होगी, उनमें पश्चिम बर्धमान जिले की 9 महत्वपूर्ण सीटें शामिल हैं. दुर्गापुर के औद्योगिक क्षेत्र में चुनावी माहौल के बीच शराबबंदी को कड़ाई से लागू करना पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके.

दुर्गापुर की गलियों में मयखानों पर लगे ‘दुकान बंद’ के बोर्ड

दुकान मालिकों ने स्पष्ट किया है कि वे केवल सरकारी आदेश का पालन कर रहे हैं. फिलहाल, दुर्गापुर की गलियों में मयखानों के बाहर लगे ‘दुकान बंद’ के बोर्ड शराब के शौकीनों के लिए किसी झटके से कम नहीं है.

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