बंगाल : फरार टुलू मंडल के भाई समेत तीन गिरफ्तार, 6 दिन की पुलिस हिरासत

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टुलू मंडल का भाई

बीरभूम में कथित अवैध पत्थर कारोबार और फर्जी जीएसटी नेटवर्क के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मुख्य आरोपी टुलू मंडल के भाई नसिम उद्दीन मंडल और दो अन्य को गिरफ्तार किया गया है. जांच में 220 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है.

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बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

बीरभूम जिले में कथित अवैध पत्थर कारोबार, फर्जी जीएसटी नेटवर्क और करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति के मामले में पुलिस की जांच लगातार तेज होती जा रही है. इस बहुचर्चित मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और फरार चल रहे टुलू मंडल के भाई नसिम उद्दीन मंडल को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा टुलू मंडल के साले व कथित मैनेजर मिनार मंडल तथा सहयोगी सतीश प्रमाणिक को भी गिरफ्तार किया गया है.

छह दिनों की पुलिस हिरासत में

तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए छह दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि तीनों आरोपियों से पूछताछ में आर्थिक लेन-देन, फर्जी कंपनियों के संचालन, बेनामी संपत्तियों और पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं. जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि हिरासत के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा होगा.

220 करोड़ से अधिक की संपत्ति का मिला सुराग

जांच के दौरान पुलिस को अब तक करीब 220 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चल चुका है. इसमें बड़ी मात्रा में सोना, नकदी, बैंक दस्तावेज, फर्जी कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं. इसके अलावा लगभग 400 बीघा जमीन की पहचान की गई है, जिसे या तो जब्त किया जा चुका है अथवा जांच के दायरे में रखा गया है. अधिकारियों का कहना है कि संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और उनके स्रोत की गहन जांच की जा रही है.

फरार है मुख्य आरोपी टुलू मंडल

मामले का मुख्य आरोपी टुलू मंडल अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. उसकी तलाश में राज्य के विभिन्न इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि टुलू मंडल की गिरफ्तारी इस पूरे मामले की जांच में निर्णायक साबित हो सकती है, क्योंकि उसी से अवैध कारोबार और आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई अहम राज सामने आने की संभावना है.

फर्जी जीएसटी और अवैध कारोबार की परतें खुल रहीं

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि फर्जी जीएसटी नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर आर्थिक लेन-देन किया गया. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अवैध पत्थर कारोबार से अर्जित रकम को किन-किन माध्यमों से विभिन्न संपत्तियों और कारोबार में निवेश किया गया. जांच एजेंसियां बैंक खातों, कंपनियों और बेनामी निवेश की भी पड़ताल कर रही हैं.

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और गिरफ्तारी की संभावना

पुलिस का कहना है कि मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. वहीं, इस कार्रवाई के बाद राज्य में अवैध खनन, आर्थिक अपराध और फर्जी जीएसटी नेटवर्क को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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