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आसनसोल रेल मंडल ने की मानसून पूर्व तैयारियां

Updated at : 13 Jun 2019 2:20 AM (IST)
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आसनसोल रेल मंडल ने की मानसून पूर्व तैयारियां

13 से चलेगा माहव्यापी रेलवे संरक्षा अभियान पूरे मंडल इलाके में सभी संवेदनशील स्थानों की पहचान, सूचना मिलते ही होगी कार्रवाई आसनसोल : आसनसोल रेल मंडल ने मानसून प्रबंधन योजना से संबंधि‍त सभी तैयारि‍यां पूरी कर ली है. आगामी 13 जून से 12 जुलाई तक रेलवे संरक्षा अभि‍यान चलेगा. मानसून के दौरान सभी संवेदनशील स्थानों […]

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13 से चलेगा माहव्यापी रेलवे संरक्षा अभियान पूरे मंडल इलाके में

सभी संवेदनशील स्थानों की पहचान, सूचना मिलते ही होगी कार्रवाई
आसनसोल : आसनसोल रेल मंडल ने मानसून प्रबंधन योजना से संबंधि‍त सभी तैयारि‍यां पूरी कर ली है. आगामी 13 जून से 12 जुलाई तक रेलवे संरक्षा अभि‍यान चलेगा. मानसून के दौरान सभी संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है. असामान्य वर्षा के दौरान विशेष गश्त की जायेगी. साइड नालियों और ट्रैक के हिस्से की समुचि‍त सफाई की जा रही है. ट्रैक सर्कि‍टयुक्‍त क्षेत्रों की सफाई पर विशेष जोर है. रेलवे ट्रैक और रोड अंडर-ब्रिज( रेल पटरी के नीचे से गुजरने वाले पुलों) पर जल जमाव से बचने के लिए वाटर पंप को तैयार रखा गया है.
सभी लोकोमोटिव और मेमू ट्रेनों में वाइपर के समुचित कार्यशीलता की जांच की जा रही है, सि‍गनलों की स्पष्ट दृश्यता सुनिश्चित करने के लिए पेड़ों की शाखाओं की कटाई चल रही है. यार्ड में जल निकासी व्यवस्था की प्रभावशीलता, मॉनसून की चपेट में आने वाले सेक्‍शनों तथा चिन्हित स्‍थानों में मॉनसून गश्त की व्‍यवस्‍था एवं मानसून की चपेट में आने वाले संवेदनशील स्‍थलों पर चौकीदारों की पोस्टिंग, भूस्खलन, पहाड़ी खिसकने, बोल्डर गिरने जैसे क्षेत्रों में विशेष सावधानी नियमित रूप से बरती जा रही है. रेलवे सूत्रों के अनुसार रेलवे ट्रैकों के सिगनल के साथ-साथ सिगनलिंग सिस्टम की संरक्षा जांच नियमित रूप से की जा रही है. रात्रि गश्त तेज कर दी गई है. मानसून की चपेट में आने वाले नए/अतिरिक्त कमजोर प्‍वाइंटों की पहचान की जा रही है.
रिले रूम, पैनल रूम, स्टेशन बिल्डिंग और प्लेटफॉर्म शेड की छतों की मरम्मत की गई है. रेलपथ (परमानेंट-वे) स्टाफ को रेलवे पटरियों के गश्त के दौरे को चौबीसों घंटे बनाए रखने के लिए परामर्श दिया जा रहा है. सभी ट्रेनों के ड्राइवरों और गार्डों को निदेश दिया गया है कि वे किसी भी विषम परिस्थिति का सामना करने लिए इंजन के फ्लैश लाइट और हेड लाइट तथा टेल लैंप की कार्यशीलता बारे में सतर्क रहें और कंट्रोल रूम को किसी भी असामान्यता की सूचना तुरंत दें. डीजल और इलेक्ट्रिक इंजनों में वाइपर और शील्ड का प्रावधान सुनि‍‍श्‍चि‍त कि‍या जा रहा है तथा डीजल इंजनों में सैंडिंग सिस्टम की ओवरहालिंग तेज कर दी गई है.
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