ePaper

धमकी मिलने के बाद तृणमूल जिलाध्यक्ष जितेंद्र तिवारी हुए उग्र

Updated at : 02 Jun 2019 2:10 AM (IST)
विज्ञापन
धमकी मिलने के बाद तृणमूल जिलाध्यक्ष जितेंद्र तिवारी हुए उग्र

सामने आकर मुकाबले की चुनौती दी पार्टी कार्यकर्त्ताओं में भारी आक्रोश, पार्टी नेतृत्व के निर्देश का इंतजार चुनावी परिणाम के बाद से ही तृणमूल कार्यालयों पर कब्जा का प्रतिवाद आसनसोल : केंद्रीय राज्यमंत्री सह स्थानीय सांसद बाबुल सुप्रियो के द्वारा मेयर सह तृणमूल जिलाध्यक्ष जितेन्द्र तिवारी को मोबाइल फोन पर कॉल कर गाली-गलौज करने तथा […]

विज्ञापन

सामने आकर मुकाबले की चुनौती दी

पार्टी कार्यकर्त्ताओं में भारी आक्रोश, पार्टी नेतृत्व के निर्देश का इंतजार
चुनावी परिणाम के बाद से ही तृणमूल कार्यालयों पर कब्जा का प्रतिवाद
आसनसोल : केंद्रीय राज्यमंत्री सह स्थानीय सांसद बाबुल सुप्रियो के द्वारा मेयर सह तृणमूल जिलाध्यक्ष जितेन्द्र तिवारी को मोबाइल फोन पर कॉल कर गाली-गलौज करने तथा बुरे अंजाम की धमकी देने के बाद तृणमूल और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव एकबारगी काफी बढ़ गया है. मेयर श्री तिवारी ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा कि फोन पर अशालीन व्यवहार करने के बजाय सीधे सामने आकर मुकाबला कर लें.
दूसरी ओर तृणमूल कर्मियों में भारी आक्रोश है. उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश के आलोक में इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जायेगा.
आसनसोल साउथ थाने में श्री सुप्रियो के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद मेयर श्री तिवारी ने मीडियाकर्मियों को संबोधित किया.
उन्होंने कहा कि उन्हें अपेक्षा नहीं थी कि श्री सुप्रियो इस तरह की कायराना हरकत करेंगे. मोबाइल फोन पर कॉल रिसीव करते ही उधर से अशालीन भाषा में गाली-गलौज शुरू कर दिया गया. उन्हें बर्बाद करने की धमकी दी गई. उधर से कहा गया कि उन्हें आसनसोल में रहने नहीं दिया जायेगा और उनका काफी बुरा अंजाम होगा. उनके प्रतिवाद करने पर कॉल काट दिया गया. उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि कॉलर श्री सुप्रियो के सामने कई लोग बैठे हुए थे, जिन्हें वे अपना रौब दिखाना चाहते थे.
उन्होंने कहा कि यह मंत्री का कायराना कदम है. अगर उन्हें मुकाबला ही करना है तो वे आमने- सामने आकर करें. यूं मोबाईल फोन पर अशालीन भाषा और धमकी देना केंद्रीय मंत्री को सोभा नहीं देता है. उन्होंने कहा कि श्री सुप्रियो को मंत्रिमंडल में अपेक्षित मंत्रालय नहीं मिला है. इससे वे बौखला गये हैँ और अपनी बौखलाहट अपने पार्टी नेतृत्व पर न उतार कर दूसरों पर उतार रहे हैँ.
ऐसे व्यक्ति को सम्मानीय पद शोभा नहीं देता है. इधर केंद्रीय राज्यमंत्री श्री सुप्रियो ने सीधी टिप्पणी न कर अपनी बात कही है. उन्होंने कहा कि भाजपा के गुंड़ो को सुधरने के लिए कहने पर उन्हें धमकी लगता है तथा कुर्सी के अनुरूप आचरण करने के लिए कहने पर डर लगता है. उन्होंने इतना कहा है कि उनके खिलाफ झूठी शिकायत कर पुलिस का समय बर्बाद न करें तथा उनका सहयोग करें.
दूसरी ओर तृणमूल कर्मियों में भारी आक्रोश है. उनका कहना है कि अपने बयान में केंद्रीय मंत्री बाबुल ने स्वीकार किया है कि उन्होंने पार्टी जिलाध्यक्ष को कॉल किया है. लेकिन गाली देने के बजाय सलाह दी है. उन्होंने कहा कि गाली और बुरे अंजाम की धमकी को तृणमूल कर्मी कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे तथा उन्हें इस मामले में पार्टी नेतृत्व के निर्देश का इंतजार है. इसके बाद जनता देख लेगी कि आसनसोल में किसे रहना है और किसे जाना होगा. धमकी से पार्टी कर्मी डरनेवाले नहीं है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola