कॉलेजों में गर्ल्स हॉस्टल बनायेगा यूजीसी

Updated at : 11 Jul 2018 12:33 AM (IST)
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कॉलेजों में गर्ल्स हॉस्टल बनायेगा यूजीसी

आसनसोल : गर्ल्स एजुकेशन को बेहतर बना कर जेंडर इक्विटी सुधारने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांड कमीशन (यूजीसी) कॉलेजों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनवायेगा. इसके लिए स्पेशल स्कीम शुरू की गयी है. इसके तहत कुछ आसान शर्त्तों तथा मानक को पूरा करने के बाद कॉलेज हॉस्टल के लिए आवेदन भेज सकेंगे. दरअसल देश के विभिन्न […]

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आसनसोल : गर्ल्स एजुकेशन को बेहतर बना कर जेंडर इक्विटी सुधारने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांड कमीशन (यूजीसी) कॉलेजों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनवायेगा. इसके लिए स्पेशल स्कीम शुरू की गयी है. इसके तहत कुछ आसान शर्त्तों तथा मानक को पूरा करने के बाद कॉलेज हॉस्टल के लिए आवेदन भेज सकेंगे.
दरअसल देश के विभिन्न हिस्सों में गर्ल्स एजुकेशन के स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है. इसकी बड़ी वजह लड़कियों की सुरक्षा है. घर से कॉलेजों की दूरी अधिक होने के कारण अभिभावक उन्हें 12वीं कक्षा के बाद ही घर में बैठा देते हैं. शहर के कुछ प्रमुख कॉलेजों को छोड़ दें तो अन्य कॉलेजों में होस्टल की सुविधा नहीं है.
ऐसे में यूजीसी ने सभी कॉलेजों में गर्ल्स हॉस्टल बनवाने की पहल की है. ये हॉस्टल आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे. खासकर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. इससे छात्रों के साथ ही रिसर्च स्कॉलर, शिक्षिका तथा महिला कर्मचारियों के रहने की भी व्यवस्था की जायेगी.
नैक मूल्यांकन के बिना नहीं मिलेगी सुविधा
गर्ल्स हॉस्टल के लिए उन कॉलेजों को ही यूजीसी अनुदान देगा, जिनका नैक से मूल्यांकन हो चुका है. हालांकि इसमें ग्रेडिंग की बाध्यता नहीं है. यह भी कहा गया है कि दो बैच या स्थापना के छह साल पूरे होने पर ही सुविधा दी जायेगी. संस्थान को नैक से इंस्टीट्यूशनल इंफॉर्मेशन फॉर क्वालिटी एसेसमेंट भी जरूरी है.
ई-स्कीम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
कॉलेज का पीएफएमएस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी है. साथ ही हॉस्टल के लिए कॉलेज के पास अपनी जमीन का होना भी आवश्यक है. किराये की जमीन पर हॉस्टल नहीं बनेगा. कॉलेज को पहले इस योजना के तहत हॉस्टल के लिए राशि मिल चुकी है, तो उसे भी कुछ शर्त्तों के साथ दुबारा योजना का लाभ मिलेगा. सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को इस स्कीम से बाहर रखा गया है.
लोकल ऑथोरिटी बनायेगी डीपीआर
कॉलेज का लोकल ऑथोरिटी गर्ल्स हॉस्टल के लिए प्रस्ताव तथा डीपीआर तैयार करेगी. स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेट के आधार पर हॉस्टल का प्रस्ताव तैयार किया जायेगा. यूजीसी को बिल्डिंग कमेटी से प्रस्ताव स्वीकृत करा कर भेजना होगा. कमेटी में कॉलेज के प्राचार्य, उप प्राचार्य, विवि प्रतिनिधि, सीपीडब्ल्यू, पीडब्ल्यूडी, जिला परिषद, कॉरपोरेशन के सहायक अभियंता रैंक के तकनीकी प्रतिनिधि, कॉलेज के दो शिक्षक, प्रशासन तथा लेखा विभाग के प्रतिनिधि तथा एक आर्किटेक्ट को शामिल करना अनिवार्य है.
तीन किस्तों में मिलेगी राशि
हॉस्टल निर्माण का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद यूजीसी संबंधित कॉलेज को तीन किस्तों में राशि का भुगतान करेगी. पहली किस्त 50 फीसदी होगी. इस काम को कराने के बाद कॉलेज से यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट व ऑडिट स्टेटमेंट भेजा जायेगा. तब 40 फीसदी राशि का भुगतान होगा. शेष 10 फीसदी राशि निर्माण होने के बाद मिलेगी.
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