द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए अलग हॉस्टल
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 03 Jul 2024 11:24 PM
जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) ने इस वर्ष से स्नातक द्वितीय वर्ष (अंडरग्रेजुएट) के छात्रों के लिए अलग छात्रावास निर्धारित करने का निर्णय लिया है. यूजी, द्वितीय वर्ष के छात्रों को अलग करने का निर्णय विश्वविद्यालय के आंतरिक जांच पैनल की परामर्श पर लिया गया है. यह पैनल, रैगिंग की घटना की जांच कर रहा था. पैनल ने पिछले साल अपनी रिपोर्ट में बताया था कि मुख्य छात्रावास में दूसरे वर्ष के छात्रों की भी रैगिंग की गयी थी.
कोलकाता.
जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) ने इस वर्ष से स्नातक द्वितीय वर्ष (अंडरग्रेजुएट) के छात्रों के लिए अलग छात्रावास निर्धारित करने का निर्णय लिया है. यूजी, द्वितीय वर्ष के छात्रों को अलग करने का निर्णय विश्वविद्यालय के आंतरिक जांच पैनल की परामर्श पर लिया गया है. यह पैनल, रैगिंग की घटना की जांच कर रहा था. पैनल ने पिछले साल अपनी रिपोर्ट में बताया था कि मुख्य छात्रावास में दूसरे वर्ष के छात्रों की भी रैगिंग की गयी थी. विश्वविद्यालय ने इस वर्ष नये छात्रों के लिए न्यू ब्लॉक हॉस्टल और ओल्ड पीजी हॉस्टल भी आवंटित किया था. अक्टूबर में, विश्वविद्यालय ने न्यू ब्लॉक हॉस्टल और जेपी जेयू क्वार्टर की पहली और दूसरी मंजिल पर फ्रेशर्स को रखने के लिए विशेष व्यवस्था की, क्योंकि उस समय वर्ष-वार अलग करना संभव नहीं था. जेयू के अंतरिम वीसी भास्कर गुप्ता ने बताया कि हमने हॉस्टलों को साल के हिसाब से अलग करने का फैसला किया है, क्योंकि यह रैगिंग रोकने का एक प्रभावी उपाय है. प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को अलग-अलग छात्रावासों में रखा जायेगा.जेयू के एक अधिकारी ने बताया कि न्यू बॉयज हॉस्टल और जेपी जेयू क्वार्टर की दूसरी मंजिल को यूजी के द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए चिह्नित किया गया है. नये छात्रों को न्यू ब्लॉक हॉस्टल और ओल्ड पीजी हॉस्टल में रखा जायेगा, क्योंकि हमारा लक्ष्य कम से कम 150 प्रथम वर्ष के छात्रों को समायोजित करना है. दिव्यांग छात्रों को जेपी जेयू क्वार्टर के भूतल और पहली मंजिल पर समायोजित किया जायेगा.
छात्र कल्याण बोर्ड के एक सदस्य ने कहा कि रैगिंग को रोकने के लिए फ्रेशर्स व छात्रों के कमजोर वर्ग को परिसर के भीतर ही रखा जायेगा, ताकि उन पर निगरानी रखी जा सके. तीसरे और चौथे वर्ष के छात्रों को मुख्य छात्रावास के ए1 और ए 2 ब्लॉक आवंटित किये जायेंगे और स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रों को मुख्य छात्रावास के बी, सी, डी ब्लॉक में समायोजित किया जायेगा. कुछ वरिष्ठ बोर्डर, (हॉस्टल में रहने वाले) जो अभी भी न्यू ब्लॉक और न्यू बॉयज हॉस्टल में हैं, उन्हें अन्य हॉस्टल में स्थानांतरित होने के लिए कहा गया है. इससे पहले, यूजीसी की रिपोर्ट में कहा गया था कि फ्रेशर्स को अलग हॉस्टल ब्लॉक में नहीं रखा जाता था, जिससे वे भयभीत रहते थे. अब इस मानक का उल्लंघन नहीं किया जायेगा. उन्हें अलग रखा जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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