किताब-कॉपी से आगे बढ़ेंगे UP के 12,500 मेधावी छात्र, अब AI और रोबोटिक्स सिखाएगी योगी सरकार
सांकेतिक तस्वीर
UP News: उत्तर प्रदेश के करीब 50 हजार छात्रों ने 'AI फॉर ऑल' परीक्षा दी, जिसमें 89% से अधिक सफल हुए. अब 12,500 से ज़्यादा मेधावी छात्रों को AI, कोडिंग और रोबोटिक्स में विशेष प्रशिक्षण मिलेगा, जो भविष्य के रोज़गार के लिए महत्वपूर्ण है.
UP News: उत्तर प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए तकनीक की दुनिया में आगे बढ़ने का रास्ता खुलने जा रहा है. योगी सरकार की ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ पहल के तहत कराई गई ‘AI फॉर ऑल’ की राज्यस्तरीय मूल्यांकन परीक्षा में करीब 50 हजार छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. परीक्षा में 89 फीसदी से अधिक विद्यार्थी सफल रहे. इनमें 12,500 से ज्यादा छात्रों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर उत्कृष्ट श्रेणी में जगह बनाई है. अब इन छात्रों को एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और रोबोटिक्स में विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी है.
12,500 मेधावी छात्रों को मिलेगी तकनीक की खास ट्रेनिंग
परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले 12,500 से ज्यादा विद्यार्थियों को अब सामान्य पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा जाएगा. इन्हें एडवांस AI, एडवांस कोडिंग और रोबोटिक्स जैसे भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों में विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा. यानी स्कूल की पढ़ाई के साथ इन विद्यार्थियों को उन तकनीकों से भी जोड़ा जाएगा, जिनकी आने वाले वर्षों में रोजगार बाजार में बड़ी भूमिका रहने की उम्मीद है.
50 हजार छात्रों ने परखी AI की समझ
‘AI फॉर ऑल’ मूल्यांकन परीक्षा में करीब 50 हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. परीक्षा में छात्रों का औसत स्कोर 70.41 अंक रहा और 89 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी सफल हुए. वहीं, 50 अंक से कम पाने वाले 4,819 विद्यार्थियों के लिए अलग से ‘रेमिडियल AI मॉड्यूल’ शुरू किए जाएंगे, ताकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी AI की बुनियादी समझ से जोड़ा जा सके.
पश्चिमी यूपी के छात्रों ने मारी बाजी, पूर्वांचल पिछड़ा
क्षेत्रवार प्रदर्शन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थी सबसे आगे रहे. यहां 18,395 छात्रों का औसत स्कोर 74.3 अंक रहा और 37.8 प्रतिशत विद्यार्थी उत्कृष्ट श्रेणी में पहुंचे. वहीं बुंदेलखंड में औसत स्कोर 74.2 रहा. मध्य यूपी का औसत 69.7 अंक रहा, जबकि पूर्वांचल के 21 जिलों के 14,387 विद्यार्थियों का औसत स्कोर 64.7 अंक रहा.
पूर्वांचल के छात्रों के लिए अलग तैयारी
क्षेत्रीय प्रदर्शन में अंतर सामने आने के बाद अब कमजोर क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की योजना है. खासकर पूर्वांचल के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा. 50 अंक से कम पाने वाले छात्रों के लिए रेमिडियल AI मॉड्यूल संचालित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य कमजोर विद्यार्थियों को पीछे छोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें भी तकनीकी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है.
कक्षा 9 से 12 तक 210 घंटे का मुफ्त कौशल विकास
‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ सिर्फ AI तक सीमित नहीं है. इसके तहत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 210 घंटे का निशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इसमें IT के साथ ब्यूटी, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए चार घंटे का अलग ‘AI फॉर ऑल’ कोर्स भी संचालित किया जा रहा है.
पांच दिन में हुई परीक्षा, 73 जिलों में हुआ मूल्यांकन
मिशन निदेशक पुलकित खरे के मुताबिक परीक्षा की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया. आठ जुलाई को गोपनीय तरीके से प्रश्नपत्र जिलों को भेजे गए. नौ जुलाई को मुख्य परीक्षा और 10 जुलाई को अनुपस्थित विद्यार्थियों के लिए विशेष परीक्षा हुई. 13 जुलाई तक 73 जिलों में मूल्यांकन पूरा कर परिणाम मिशन मुख्यालय भेज दिए गए. इसके बाद परिणामों का सत्यापन किया गया और आठ अगस्त को नतीजे जारी किए गए.
सरकार का फोकस—शहर और गांव के बीच डिजिटल दूरी खत्म करना
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ का मकसद गांव और शहर के बीच डिजिटल अंतर को कम करना और हर छात्र को भविष्य की तकनीक से जोड़ना है. सरकार का कहना है कि मेधावी छात्रों को एडवांस टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा, जबकि कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी.
एक नजर में
- करीब 50 हजार छात्रों ने AI मूल्यांकन परीक्षा दी
- 89% से अधिक विद्यार्थी सफल रहे
- 12,500+ छात्रों ने 80% से ज्यादा अंक हासिल किए
- 4,819 छात्रों के लिए रेमिडियल AI मॉड्यूल
- मेधावी छात्रों को AI, कोडिंग और रोबोटिक्स की ट्रेनिंग
- कक्षा 9-12 के लिए 210 घंटे का निशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम
- पूर्वांचल के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की तैयारी
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By Tilak Kumar
तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.
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