UP Swine Flu: बुखार को वायरल समझकर न करें नजरअंदाज, कहीं ये स्वाइन फ्लू तो नहीं? BHU में 109 मरीज पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
स्वाइन फ्लू अलर्ट
UP Swine Flu Alert: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. वाराणसी में 109 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से 11 अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेने की अपील की है.
UP Swine Flu Alert: उत्तर प्रदेश में वायरल संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच वाराणसी से स्वाइन फ्लू को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. BHU के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हुई जांच में अब तक 109 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इनमें 53 मरीज वाराणसी के हैं, जबकि 56 मरीज पूर्वांचल के दूसरे जिलों से हैं. फिलहाल 11 मरीजों का बीएचयू और मंडलीय अस्पताल में इलाज चल रहा है.
405 सैंपल में 109 मिले पॉजिटिव
एक अगस्त से सात सितंबर के बीच पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों से 405 सैंपल BHU के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच के लिए भेजे गए थे. इनमें 109 मरीजों की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू के लिए पॉजिटिव आई. वाराणसी में मिले 53 मरीजों में 15 बच्चे और 20 महिलाएं शामिल हैं. सीएमओ डॉ. एनपी सिंह के मुताबिक, पिछले एक महीने में BHU में स्वाइन फ्लू के 33 मरीज भर्ती हुए. इनमें 22 मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 11 मरीज अभी अस्पताल में भर्ती हैं. इनमें नौ मरीज BHU के सर सुंदरलाल अस्पताल और दो मरीज मंडलीय अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. बाकी मरीज आइसोलेशन में हैं.
अस्पतालों में वायरल मरीजों की भीड़
रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पतालों की OPD में वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है. औसतन 1500 मरीजों की OPD वाले मंडलीय अस्पताल में रोज करीब 10 मरीजों के ही सैंपल लिए जा रहे हैं. जिला अस्पताल के साथ एलबीएस रामनगर, CHC-PHC और निजी अस्पतालों में भी वायरल मरीजों की संख्या अधिक रही. मंगलवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में 2500 से ज्यादा वायरल मरीज इलाज कराने पहुंचे.
एक मरीज से परिवार में फैल रहा संक्रमण
कई परिवारों में एक सदस्य के बीमार पड़ने के बाद दूसरे सदस्यों में भी वायरल के लक्षण दिखाई दे रहे हैं. चोपन की ऊषा अपने बड़े बेटे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचीं. बेटे को भर्ती कराने के बाद ऊषा और उनके छोटे बेटे को भी वायरल बुखार हो गया. इसी तरह राजातालाब की कुसुमलता को तीन दिन से बुखार और जुकाम था. दो दिन तक दवा लेने के बावजूद आराम नहीं मिला और बाद में उनके पति और बेटे में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई दिए.
ठीक होने में लग रहे करीब 15 दिन
डॉक्टरों के अनुसार, कई मरीजों को ठीक होने में करीब 15 दिन तक लग रहे हैं. वायरल संक्रमण के दौरान कई मरीजों में प्लेटलेट्स कम मिल रहे हैं. डेंगू और दूसरी गंभीर बीमारियों की आशंका को देखते हुए जांच कराई जा रही है, हालांकि रिपोर्ट में डेंगू या किसी अन्य गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं हो रही है. कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी के साथ उल्टी और दस्त की शिकायत भी सामने आ रही है. कई मामलों में विडाल और टायफॉइड की जांच भी पॉजिटिव आ रही है.
डॉक्टर की सलाह- खुद से दवा न लें
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनीष यादव ने डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेने से बचने की सलाह दी है. उन्होंने खास तौर पर एंटीबायोटिक का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के न करने को कहा है. उनके मुताबिक, बारिश और बाढ़ के बाद वायरल इंफेक्शन के मामले तेजी से बढ़े हैं. इसमें जुकाम, खांसी, बदन दर्द और तेज बुखार जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं. इस बार कई मरीजों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी देखी जा रही है. ऐसे लक्षण होने पर समय पर इलाज कराना जरूरी है.
स्वास्थ्य विभाग ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
Chief Medical Officer डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है. प्रभावित मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखकर निगरानी में इलाज किया जा रहा है. सभी सरकारी अस्पतालों, CHC और PHC में जरूरी दवाओं और जांच किट की उपलब्धता होने की बात कही गई है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सकीय सलाह लेने और सेल्फ-मेडिकेशन से बचने की अपील की है.
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