जिन हाथों में होनी चाहिए थीं किताबें, उनमें थमा दीं ईंटें! सोनभद्र के स्कूल का VIDEO वायरल, प्रधानाध्यापिका को नोटिस

Updated:
विज्ञापन

पढ़ाई की उम्र में बच्चों के कंधों पर ईंटों का बोझ

UP School Viral Video: सोनभद्र के एक प्राथमिक विद्यालय से हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें बच्चों को पढ़ाई की जगह निर्माण कार्य में ईंटें ढोते देखा जा रहा है. इस मामले में शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापिका को नोटिस जारी किया है.

विज्ञापन

UP School Viral Video: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई करने पहुंचे बच्चों से निर्माण कार्य में ईंटें ढुलवाने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बच्चे स्कूल की बाउंड्री निर्माण के लिए ईंटें ले जाते दिखाई दे रहे हैं. मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय पूरनाकलां, विकासखंड घोरावल की प्रधानाध्यापिका माण्डवी कुमारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है.

विज्ञापन

वायरल VIDEO से सामने आया मामला

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों से बाउंड्री निर्माण के लिए ईंटें ढुलवाई जाती दिखाई दे रही हैं. बच्चों के हाथों में ईंटें देखकर मामला चर्चा में आ गया. वीडियो का संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने विभागीय स्तर पर मामले की जांच-पड़ताल शुरू की.

राजगीर और श्रमिक थे, फिर बच्चों से क्यों ढुलवाई ईंटें?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विद्यालय की क्षतिग्रस्त बाउंड्री की मरम्मत या निर्माण का काम चल रहा था. निर्माण कार्य के लिए राजगीर और श्रमिक लगाए गए थे, इसके बावजूद बच्चों से ईंटें ढुलवाए जाने की बात सामने आई. विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है. हालांकि, बच्चों से किस परिस्थिति में यह काम कराया गया, इसकी पूरी स्थिति विभागीय जांच के बाद स्पष्ट होगी.

‘विद्यालय पढ़ाई के लिए है, निर्माण कार्य के लिए नहीं’

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय बच्चों को शिक्षा देने का स्थान है और उनसे निर्माण कार्य कराना स्वीकार्य नहीं है. विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को श्रम में लगाना प्रतिबंधित है. ऐसे में यदि विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों से निर्माण सामग्री ढुलवाई गई है तो यह गंभीर मामला है. इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

तीन दिन में देना होगा जवाब

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में प्रधानाध्यापिका माण्डवी कुमारी से पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है. उन्हें नोटिस प्राप्त होने के तीन दिवस के भीतर युक्तिसंगत और तथ्यपूर्ण स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में जवाब नहीं मिलने या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

जांच में सामने आएगा जिम्मेदार कौन

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि बच्चों से ईंट ढुलाई किस परिस्थिति में कराई गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है. शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद अब प्रधानाध्यापिका के जवाब और जांच के निष्कर्ष पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी.

Must Read: राम के नाम पर राजनीति या ब्राह्मणों का अपमान? सपा दफ्तर के बाहर होर्डिंग पर भड़के मनोज पाण्डेय, बोले- हटाएं और माफी मांगें

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola