भूकंप से लेकर गैस लीक तक… UP में 18 सितंबर को होगा मेगा मॉक ड्रिल, 157 तहसीलों में परखी जाएगी तैयारी
18 सितंबर को होगा मेगा मॉक ड्रिल
UP News: उत्तर प्रदेश 18 सितंबर को एक बड़ी आपदा मॉक ड्रिल की तैयारी कर रहा है. यह अभ्यास 34 जिलों में भूकंप, गैस रिसाव और आग जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करेगा. इसमें बचाव, निकासी और चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी.
UP News: उत्तर प्रदेश में भूकंप, गैस रिसाव और आग जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 18 सितंबर को मेगा मॉक एक्सरसाइज होगी. प्रदेश के 34 जिलों की 157 तहसीलों में एक साथ यह अभ्यास किया जाएगा. इसमें खोज और बचाव, लोगों की सुरक्षित निकासी, घायलों का इलाज, राहत कार्य और अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल की तैयारी को जांचा जाएगा.
अलर्ट से पहले तैयारी
मेगा मॉक एक्सरसाइज की तैयारी के लिए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) ने लखनऊ में दो दिवसीय संगोष्ठी और कार्यशाला आयोजित की. इसमें अलग-अलग विभागों, विशेषज्ञ एजेंसियों और आपदा मोचन बल के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान भूकंप, रासायनिक गैस रिसाव और आग जैसी घटनाओं से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई. टेबल टॉप एक्सरसाइज के जरिए अधिकारियों की तुरंत फैसला लेने की क्षमता भी परखी गई.
हर जिले में बनेगा फील्ड हॉस्पिटल
18 सितंबर को सभी 34 जिलों में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर और घटना प्रतिक्रिया दल सक्रिय रहेंगे. हर जिले में फील्ड हॉस्पिटल भी बनाया जाएगा. यहां घायलों के इलाज, ट्रायज और जरूरत पड़ने पर उन्हें दूसरे अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का अभ्यास होगा. इसका मकसद आपदा के समय चिकित्सा व्यवस्था को तेजी से शुरू करने की तैयारी जांचना है.
ट्रेन हादसे से लेकर आग तक का होगा अभ्यास
मॉक एक्सरसाइज में भारतीय रेल के सहयोग से भूकंप के कारण ट्रेन के पटरी से उतरने की स्थिति में राहत और बचाव का अभ्यास किया जाएगा. इसके अलावा स्कूल, अस्पताल और बहुमंजिला इमारतों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया भी परखी जाएगी. मलबे में फंसे लोगों की तलाश और बचाव, रासायनिक रिसाव और आग से निपटने का भी अभ्यास होगा.
लखनऊ से होगी पूरे अभ्यास की निगरानी
पूरे मेगा मॉक एक्सरसाइज की राज्य मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा के समय राहत और बचाव व्यवस्था की वास्तविक क्षमता को परखना और कमियों को समय रहते दूर करना है. प्रमुख सचिव राजस्व अर्पणा यू. ने आपदा से पहले जोखिम कम करने पर जोर दिया. वहीं, पीएसी डीजी डॉ. आलोक सिंह ने कहा कि आपदा के समय हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है.
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