'पहले आओ...पहले पाओ', UP में सब्जी खेती पर 85% तक सब्सिडी, किसान ऐसे उठाएं लाभ, जानें आवेदन से भुगतान तक पूरा प्रोसेस

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UP में सब्जी खेती पर 85% तक सब्सिडी

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UP Vegetable Farming Subsidy: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सब्जी की खेती पर भारी सब्सिडी दे रही है. इसमें 50% से 85% तक का अनुदान शामिल है, जो सीधे DBT के माध्यम से आपके खाते में आएगा. जानिये कैसे करें आवेदन और पाएं यह लाभ.

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UP Vegetable Farming Subsidy: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी राहत और प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है. राज्य में सब्जी की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा 50% से लेकर 85% तक का भारी अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है. इस योजना के तहत मिलने वाली पूरी सहायता राशि बिना किसी बिचौलिए के, सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है. यह योजना पूरी तरह से 'पहले आओ, पहले पाओ' के सिद्धांत पर काम करती है. इसलिए जो किसान भाई इसका लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें जल्द से जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है.

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किस तकनीक पर कितनी मिल रही है मदद?

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा अलग-अलग खेती के तरीकों के लिए सब्सिडी तय की गई है:

  • सब्जी की सामान्य खेती: सामान्य रूप से सब्जी उगाने वाले किसानों को बीज और लागत सहायता के रूप में 20,000 प्रति हेक्टेयर तक की मदद दी जा रही है.
  • मचान विधि (ट्रेलिस सिस्टम): लौकी, तोरई और खीरे जैसी बेल वाली सब्जियों को मचान बनाकर आधुनिक तरीके से उगाने पर 31,250 की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है.
  • प्लास्टिक मल्चिंग: खेतों में नमी बनाए रखने और खरपतवार (घास-फूस) को रोकने के लिए प्लास्टिक मल्चिंग सीट लगाने पर 8,000 प्रति एकड़ की मदद मिल रही है.
  • ड्रिप और फव्वारा सिंचाई: पानी की बचत और सटीक सिंचाई के लिए माइक्रो-इरीगेशन सिस्टम लगाने पर 15,000 की वित्तीय सहायता दी जा रही है.
  • पॉलीहाउस और नेट हाउस: आधुनिक संरक्षित खेती (Protected Farming) के लिए पॉलीहाउस या नेट हाउस का निर्माण करने पर सरकार लागत का 50% से लेकर 85% तक का खर्च खुद उठा रही है.

आवेदन के लिए क्या हैं जरूरी दस्तावेज?

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास निम्नलिखित कागजात होने अनिवार्य हैं:

  • आधार कार्ड (जो एक्टिव मोबाइल नंबर से लिंक हो)
  • जमीन के कागजात (नवीनतम खतौनी या फसल का विवरण)
  • बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (खाता आधार से लिंक होना जरूरी है ताकि डीबीटी का पैसा आ सके)
  • दो पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदन से लेकर पैसा आने तक का पूरा प्रोसेस

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: किसानों को सबसे पहले उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट dbt.uphorticulture.in पर जाकर अपना पंजीकरण करना होगा. किसान भाई अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय जाकर भी यह फॉर्म भरवा सकते हैं.
  • दस्तावेजों की जांच: फॉर्म जमा होने के बाद विभाग के अधिकारी भूमि रिकॉर्ड और पात्रता की जांच करते हैं.
  • खेत का भौतिक सत्यापन: कागजी कार्रवाई सही पाए जाने पर उद्यान विभाग की टीम किसान के खेत पर जाकर भौतिक निरीक्षण करती है और लगाए गए सेटअप (जैसे मचान या मल्चिंग) की जियो-टैग्ड (Geo-tagged) फोटो लेती है.
  • अनुदान की मंजूरी: सत्यापन रिपोर्ट सही मिलने पर जिला उद्यान अधिकारी द्वारा सब्सिडी राशि को अंतिम मंजूरी दी जाती है.
  • खाते में पैसा (DBT): मंजूरी मिलने के कुछ ही दिनों के भीतर सब्सिडी की पूरी रकम सीधे किसान के लिंक किए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है.

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