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उमेश पाल हत्याकांड: अतीक के आर्थिक साम्राज्य को तबाह करने की तैयारी, ईडी 60 करोड़ की फाइलें खंगालने में जुटा

Updated at : 12 Mar 2023 9:54 AM (IST)
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उमेश पाल हत्याकांड: अतीक के आर्थिक साम्राज्य को तबाह करने की तैयारी, ईडी 60 करोड़ की फाइलें खंगालने में जुटा

उमेश पाल हत्याकांड: ईडी के अधिकारी अतीक अहमद की अवैध तरीके से अर्जित की गई हर संपत्ति की नए सिरे से जानकारी जुटाने में लग गए हैं. इसके बाद इन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी. कहा जा रहा है कि ईडी मुख्यालय ने अतीक के खिलाफ दर्ज केस में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं

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Lucknow: उमेश पाल हत्याकांड के बाद से अतीक अहमद, उसके परिवार और गुर्गों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. हालांकि ये लोग कानून को चकमा देने में सफल हुए हैं और कई दबिश के बावजूद पुलिस और एसटीएफ को इनका सुराग नहीं मिल पाया है. इसलिए अब इनके आर्थिक साम्राज्य को भी ध्वस्त करने की कार्रवाई तेजी से चल रही है. अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अतीक अहमद पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है.

अब तक हजारों करोड़ों की संपत्ति पर कानूनी शिकंजा कसा

ईडी के अधिकारी अतीक अहमद की अवैध तरीके से अर्जित की गई हर संपत्ति की नए सिरे से जानकारी जुटाने में लग गए हैं. इसके बाद इन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी. बताया जा रहा है कि अब तक ईडी अतीक की आठ करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुका है. वहीं, यूपी पुलिस व प्रशासन उसकी 1163 करोड़ कीमत की संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कस चुका है. जिस प्रकार अब नए सिरे से तैयारी की जा रही है, उससे आने वाले दिनों में यह आंकड़ा अभी और बढ़ेगा.

ईडी में रहते राजेश्वर सिंह ने की थी बड़ी कार्रवाई

अतीक अहमद पर प्रवर्तन निदेशालय के शिकंजा कसने की बात करें तो प्रयागराज यूनिट ने करीब दो वर्ष पहले अतीक अहमद के खिलाफ मामला दर्ज किया था. नवंबर 2021 में ईडी, लखनऊ कार्यालय के संयुक्त निदेशक और वर्तमान में लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा से विधायक राजेश्वर सिंह के निर्देश पर उसका प्रयागराज में फूलपुर स्थित भूखंड अटैच किया गया था. यह संपत्ति अतीक ने अपनी पत्नी शाइस्ता के नाम पर 4.50 करोड़ रुपये में खरीदी थी. यह मामला तब सुर्खियों में रहा था.

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बाद में ठंडे बस्ते में चली गई जांच

इसके साथ ही शाइस्ता के खाते की 1.28 करोड़ और कई अन्य परिजनों के बैंक खातों में जमा रकम भी ईडी ने अटैच कर ली थी. इस कार्रवाई के दो माह बाद राजेश्वर सिंह ने अचानक वीआरएस ले लिया, फिर वह राजनीतिक में आ गए. वहीं राजेश्वर सिंह के बाद दो स्पेशल डायरेक्टर को जिम्मा सौंपा गया, लेकिन, कामयाबी नहीं मिली. ईडी की प्रयागराज यूनिट के अधिकारियों ने शुरुआती दौर में अतीक के करीबियों को बुलाकर पूछताछ की थी. लेकिन, धीरे धीरे मामला शांत हो गया.

उमेश पाल हत्याकांड के बाद मामले में तेजी

उमेश पाल हत्याकांड के बाद एक बार फिर अतीक से जुड़े मामलों में तेजी दिखाई दे रही है. कहा जा रहा है कि ईडी मुख्यालय ने अतीक के खिलाफ दर्ज केस में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. ईडी के अधिकारी अतीक की प्रयागराज, कौशांबी और लखनऊ स्थित करीब 60 करोड़ रुपये की संपत्तियों की फाइल खंगालने में जुट गए हैं. इनमें खामी नजर आने पर तत्काल इन्हें अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी.

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Sanjay Singh

लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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