UP: रामचरितमानस विवाद पर SP ने रोली तिवारी मिश्रा-ऋचा सिंह को पार्टी से निकाला, स्वामी प्रसाद का किया था विरोध

Published by : Shweta Pandey Updated At : 16 Feb 2023 9:11 PM

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UP Politics: समाजवादी पार्टी ने अपने दो नेताओं को निकाल दिया है. सपा ने रोली तिवारी मिश्रा और ऋचा सिंह को पार्टी से निकाल दिया है. इस बात की जानकारी खुद समाजवादी पार्टी ने अपने ऑफिशियल टि्वटर हैंडल से दी है.

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UP Politics: समाजवादी पार्टी ने अपने दो नेताओं को निकाल दिया है. सपा ने रोली तिवारी मिश्रा और ऋचा सिंह को पार्टी से निकाल दिया है. इस बात की जानकारी खुद समाजवादी पार्टी ने अपने ऑफिशियल टि्वटर हैंडल से दी है. दरअसल सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से श्रीरामचरितमानस पर उठाए गए सवाल के खिलाफ इन दोनों नेताओं ने विरोध किया था.

क्या है पूरा मामला

दरअसल हाल ही में स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए रामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी करते हुए इसे प्रतिबंधित करने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि जो भी विवादित अंश रामचरितमानस ग्रंथ में संकलित हैं, उन्हें निकाला जाना चाहिए. तुलसीदास द्वारा लिखी श्रीरामचरितमानस की एक चौपाई- ‘ढोल-गंवार शूद्र पशु नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी’, पुस्तक को जब्त किया जाना चाहिए. महिलाएं सभी वर्ग की हैं, क्या उनकी भावनाएं इससे आहत नहीं हो रहीं हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य ने आगे कहा था एक तरफ तो कहेंगे कि यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता, तो दूसरी तरफ तुलसी बाबा से गाली दिलवाकर कहेंगे कि इनको मारिए पीटिए. ऐसे में श्रीरामचरितमानस को बैन कर देना चाहिए.

ऋचा सिंह ने स्वामी प्रसाद का किया था विरोध

स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान का विरोध करते हुए ऋचा सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा, रामचरितमानस में नारी सम्मान का शिखर है. बालि ने राम से पूछा,‘मैं बैरी सुग्रीव पियारा. अवगुण कवन नाथ मोहि मारा. श्रीराम-‘अनुज वधू भगिनी सुत नारी, सुन सठ ये कन्या समचारी,इनहि कुदृष्टि विलोकई जोई. ताहि बधे कुछ पाप न होई’ स्त्रियों से छेड़खानी से बढ़कर कोई पाप नहीं. श्रीराम भारत के मन का धीरज हैं. मर्यादा पुरुषोत्तम भी हैं. रामचरितमानस में प्राचीन समाजवादी दर्शन है. समाज विज्ञान है. भक्ति का अथाह सागर है. ऐसी लोकप्रिय पुस्तक दुनिया के किसी भी देश में नहीं मिलती. भारत के गांव-शहर, प्रत्येक घर रामचरितमानस पढ़ी और गायी जाती है.

रोली तिवारी मिश्रा ने किया था स्वामी प्रसाद का विरोध

स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से श्रीरामचरितमानस पर उठाए गए सवाल के खिलाफ रोली तिवारी मिश्रा ने विरोध किया था. उन्होंने ट्वीट कर लिखा था, ब्राह्मण खतरे में हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य अब रामचरितमानस पर आ गए हैं. जब तक वह मेरे धर्मग्रंथ पर टिप्पणी करेंगे, मैं उनको छोड़ूंगा नहीं. सनातन धर्म के लिए यह संक्रमण काल है और जिस धर्म का अस्तित्व 6000 साल से कोई मिटा नहीं पाया, उसको चंद वोटों के लिए दलाल क्या मिटा पाएंगे?.

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