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MahaShivratri 2022: रामायण काल में स्थापित हुआ था ‘मनकामेश्वर मंदिर’, अद्भुत है यहां की परंपरा

Updated at : 01 Mar 2022 1:22 PM (IST)
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MahaShivratri 2022: रामायण काल में स्थापित हुआ था ‘मनकामेश्वर मंदिर’, अद्भुत है यहां की परंपरा

लखनऊ के मनकामेश्‍वर मंदिर में पूरी होती है हर कामना भोले बाबा कभी भी अपने भक्तों को निराश नहीं करते. लखनऊ में गोमती नदी के तट पर बने मनकामेश्वर मंदिर में तो महादेव अपने भक्‍तों की सभी इच्‍छाएं पूरी कर देते हैं.

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MahaShivratri 2022: लखनऊ के मनकामेश्‍वर मंदिर में पूरी होती है हर कामना भोले बाबा कभी भी अपने भक्तों को निराश नहीं करते. लखनऊ में गोमती नदी के तट पर बने मनकामेश्वर मंदिर में तो महादेव अपने भक्‍तों की सभी इच्‍छाएं पूरी कर देते हैं. डालीगंज में गोमती नदी के बाएं तट पर शिव-पार्वती का ये मंदिर बहुत सिद्ध माना जाता है. गोमती नदी के किनारे बसा यह मंदिर रामायणकाल का है और इनके नाम मनकामेश्‍वर से ही इस बात की एहसास हो जाता है कि यहां मन मांगी मुराद कभी अधूरी नहीं रहती. जैसे ही भक्‍त इस मंदिर में प्रवेश करते हैं. लोग यहां आकर मनचाहे विवाह और संतानप्राप्ति की मनोकामना करते हैं और उसे पूरा होने पर बाबा का बेलपत्र, गंगाजल और दूध आदि से श्रृंगार करते हैं. वीडियो देखें..

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