UP: मऊ और शामली के नाम पर भयभीत होते थे लोग, आज खोले जा रहे मेडिकल कॉलेज, लखनऊ में बोले- सीएम योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीते छह वर्षों में यूपी में स्वास्थ्य सेक्टर में बड़ा परिवर्तन होने की बात कही है. उन्होंने कहा कि एक जनपद एक मेडिकल कॉलेज की दिशा में सरकार काम कर रही है. जिन जनपदों के नाम से पहले लोग डरते थे, आज वहां भी निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं.
Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को मिशन निरामया को लेकर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस मौके पर जनपद मऊ और शामली में निजी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में कहा कि मऊ में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो, ये एक वक्त में सपना था. लेकिन, अब साकार हो रहा है. शामली में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो, ये अब हकीकत बनता जा रहा है. ये दो जनपद ऐसे थे, जिन्होंने आज से छह वर्ष पहले दूसरे क्षेत्रों में अपना नाम कमाया था.
उन्होंने कहा कि कि लोग यहां जाने में भयभीत होते थे. मऊ का जिक्र होने पर माफिया के नाम पर लोग भयभीत होते थे. इसी तरह जब शामली का नाम पलायन की वजह से आता था. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन दोनों जनपदों में मेडिकल एजुकेशन के नए संस्थान शुरू किए जाने के लिए एमओयू होना बड़ी उपलब्धि है.
सीएम योगी ने कहा कि यूपी सरकार ने पिछले छह वर्षों के दौरान स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन किए हैं. उस परिवर्तन की कड़ी में आज दो नए मेडिकल संस्थान स्थापित किए जाने की नई उपलब्धि जुड़ने जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण बात है कि दो अलग-अलग क्षेत्रों में ये मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे. इनमें एक पूर्वी उत्तर प्रदेश के मऊ और दूसरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर स्थापित करने के लिए एमओयू संपन्न हुआ है.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति क्या थी, ये सभी जानते हैं. गवर्नमेंट सेक्टर की बात करें तो मात्र 12 मेडिकल कॉलेज प्रदेश के अंदर स्थापित थे. उन्होंने कहा कि जबकि आज उत्तर प्रदेश के अंदर 45 जनपद ऐसे हैं, जहां पर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हैं. इसके साथ ही 16 मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं, जिनमें 14 गवर्नमेंट और दो पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर बनाए जा रहे हैं.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन दो नए मेडिकल कॉलेज के लिए एमओयू होना मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वन डिस्टिक वन मेडिकल कॉलेज की परिकल्पना को साकार करने की महत्वपूर्ण कड़ी है.
मिशन निरामया के अंतर्गत जिस अभियान को हम लोगों ने गत वर्ष प्रारम्भ किया था, आज वह देश का ब्रांड बना हुआ है. उन्होंने कहा कि मैं मेडिकल और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में बार-बार इस बात को कहता हूं कि नर्सिंग और पैरामेडिकल का क्षेत्र उसकी रीढ़ की हड्डी का कार्य करता है. 12 संस्थानों ने नर्सिंग और पैरामेडिकल के क्षेत्र में जो कार्य किया है, वह अन्य संस्थानों को जाकर दिखाएं और फिर उनका भी मार्गदर्शन करें, जिससे वह आगे बढ़ सकें.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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