अलीगढ़ से मुरादाबाद सिर्फ 90 मिनट में, बनेगा नया फोरलेन हाईवे, इन 45 गांवों की जमीन ली जाएगी

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अलीगढ़-मुरादाबाद के बीच बनेगा फोरलेन हाईवे (AI)

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अलीगढ़ से मुरादाबाद तक नया फोरलेन हाईवे बनेगा, जिससे 150 किमी का सफर 3-4 घंटे से घटकर मात्र 90 मिनट हो जाएगा. 67 गांवों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज.

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Aligarh-Moradabad Highway : अलीगढ़ से मुरादाबाद जाने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. दोनों शहरों के बीच करीब 150 किलोमीटर लंबे नए फोरलेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का निर्माण किया जाएगा. इसके बनने के बाद मौजूदा 3 से 4 घंटे का सफर घटकर करीब 90 मिनट से 2 घंटे तक हो सकता है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है.

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मुरादाबाद से अलीगढ़ तक बनेगा फोरलेन हाईवे

प्राधिकरण की योजना मौजूदा दो-लेन हाई स्पीड कॉरिडोर को चार-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे में बदलने की है. यह हाईवे मुरादाबाद से शुरू होकर अमरोहा, संभल और बुलंदशहर होते हुए अलीगढ़ तक जाएगा. परियोजना के लिए अलीगढ़ जिले की गभाना और कोल तहसील के 45 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी. प्रशासन ने संबंधित गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त और नए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है. जल्द ही जमीन का सर्वे और चिह्नांकन शुरू किया जाएगा.

3-4 घंटे का सफर घटकर 90 मिनट तक

फिलहाल मुरादाबाद से अलीगढ़ जाने में करीब 3 से 4 घंटे लगते हैं. करीब 150 किलोमीटर का यह रास्ता चंदौसी, बबराला और डिबाई से होकर गुजरता है. सड़क संकरी होने, अतिक्रमण और भारी ट्रैफिक के कारण यात्रियों को अधिक समय लगता है. नया फोरलेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे बनने के बाद वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकेंगे. इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा.

45 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

मुरादाबाद जिले में 22 गांवों की करीब 190 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी. वहीं, अलीगढ़ जिले की गभाना और कोल तहसील के 45 गांव इस परियोजना की जद में आएंगे. दोनों जिलों को मिलाकर कुल 67 गांवों की जमीन हाईवे परियोजना के लिए ली जाएगी. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत संबंधित क्षेत्रों में सर्वे और जमीन चिह्नित करने का काम किया जाएगा.

हाईवे पर नहीं चलेंगे दोपहिया और तिपहिया वाहन

यह एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होगा. गांवों या स्थानीय सड़कों से सीधे हाईवे पर प्रवेश नहीं मिलेगा. वाहन केवल निर्धारित इंटरचेंज के जरिए ही हाईवे पर चढ़ और उतर सकेंगे. सुरक्षा और तेज यातायात को ध्यान में रखते हुए हाईवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा. कार, बस और अन्य अनुमत बड़े वाहन ही इस मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे.

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