ePaper
Live Updates

Lucknow Kisan Mahapanchayat LIVE: लखनऊ महापंचायत से किसानों की हुंकार, अब महंगाई और बेरोजगारी पर भी होगी बात

Updated at : 22 Nov 2021 2:56 PM (IST)
विज्ञापन
Lucknow Kisan Mahapanchayat LIVE: लखनऊ महापंचायत से किसानों की हुंकार, अब महंगाई और बेरोजगारी पर भी होगी बात

UP Breaking News LIVE: यूपी की राजधानी लखनऊ में किसान महापंचायत से किसानों ने हुंकार भरी है. किसानों ने महापंचायत में कहा है कि जब तक एमएसपी नहीं, तब तक आंदोलन वहीं. किसान महापंचायत में भाग लेने आए राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार मांग मान लें, हम आंदोलन खत्म कर देंगे.

विज्ञापन
Auto-updating every 30s
2:56 PM. 22 Nov 212:56 PM. 22 Nov

टिकैत का ऐलान

लखनऊ किसान महापंचायत में आए राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक किसानों की मांग नहीं मानी जाती है, तब तक आंदोलन चलता रहेगा. सरकार हमसे बात करें और मांग पर कार्रवाई करें.

केंद्र सरकार को करनी होगी बात

लखनऊ में आयोजित महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि, गन्ना किसानों का भुगतान भी जल्द से जल्द किया जाए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जब तक किसानों से बात नहीं करेगी, तब तक इस मसले का अंत नहीं होगा.

पूर्व डीजीपी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की ये मांग

उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और सामाजिक कार्यकर्ता एसआर दारापुरी भी किसानों की महापंचायत में पहुंचे. उन्होंने महापंचायत के मंच से उत्तर प्रदेश में एमएसपी पर धान गेहूं की खरीद और आदिवासियों को जमीन आवंटन का मुद्दा उठाया.

सरकार से मांगों की बढ़ी लिस्ट

लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, कि महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी बात करेंगे. हर मुद्दे पर भी बात करने को तैयार हैं. किसान नेता राकेश टिकैत ने अपनी मांगों की सूची बढ़ा ली है. उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है. धीरे-धीरे भीड़ कम होती जा रही है. लोग अपने घरों को रवाना हो रहे हैं.

क्या हैं किसानों की मांगें?

किसानों ने सरकार के सामने अपनी मांगे रखते हुए कहा कि, MSP पर कानून बनाया जाए, ताकि हर किसान को अपनी फसल पर कम से कम न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी मिल सके.इसके अलावा विद्युत अधिनियम संशोधन विधेयक 2020-21 के ड्राफ्ट को वापस लिया जाए. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इससे जुड़े क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अधिनियम, 2021 में किसानों को सजा देने के प्रावधान समाप्त किए जाएं. दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, यूपी समेत अन्य राज्यों के हजारों किसानों पर इस आंदोलन के दौरान मुकदमों में फंसाया गया है, जोकि वापस लिए जाएं. इसके अलावा आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवार को कम से कम करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए.

12:27 PM. 22 Nov 2112:27 PM. 22 Nov

इको गार्डन में उमड़ी किसानों की भीड़

लखनऊ के बंगला बाजार स्थित इको गार्डन में किसानों की भीड़ उमड़ी हुई है. जहां नजर उठाओ, उधर ही सिर पर हरी पगड़ी बांधे किसानों का जत्था उमड़ा दिख रहा है. सुबह से ही मंच पर एक-एक करके विभिन्न किसान संगठनों के नेता भाषण दे रहे हैं. सभी बीते एक साल से चल रहे किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को शहीद का दर्जा देने के साथ ही एमएसपी की मांग पर अड़े हुए हैं.

‘BJP और असदुद्दीन ओवैसी के बीच चाचा-भतीजे का रिश्ता’- AIMIM प्रमुख पर राकेश टिकैत का बड़ा हमला

12:13 PM. 22 Nov 2112:13 PM. 22 Nov

ओवैसी-बीजेपी के बीच चाचा-भतीजा का रिश्ता- टिकैत

बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने असदुद्दीन ओवैसी की सीएए और एनआरसी को निरस्त करने की मांग पर कहा कि, ओवैसी और बीजेपी के बीच चाचा-भतीजा का रिश्ता है. उन्हें इस बारे में टीवी पर बात नहीं करनी चाहिए, वे सीधे पूछ सकते हैं:

10:00 AM. 22 Nov 2110:00 AM. 22 Nov

लखनऊ में किसानों की भीड़

संयुक्त किसान मोर्चा की ‘किसान महापंचायत’ के लिए आज लखनऊ में किसानों की भीड़ उमड़ने लगी है.

8:54 AM. 22 Nov 218:54 AM. 22 Nov

सपा कार्यालय में उमड़ रही भीड़

सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को जन्मदिन की बधाई देने के लिए सभी में उत्साह दिख रहा है. बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय पहुंचे.

8:54 AM. 22 Nov 218:54 AM. 22 Nov

गोरखपुर दौरे पर आज जेपी नड्डा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सोमवार को गोरखपुर पहुंच रहे हैं. वे इस दौरान जनपद के सभी बूथ प्रभारियों को जमीनी स्तर पर काम करने के लिए प्रेरित करेंगे. इस बीच उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह आदि मौजूद रहेंगे.

8:23 AM. 22 Nov 218:23 AM. 22 Nov

आंदोलन जारी रहेगा

नयी दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की बैठक के बाद किसानों ने रविवार को पीएम मोदी के नाम जो खुला खत लिखा है, उसमें कहा है कि सरकार को तुरंत किसानों से वार्ता बहाल करनी चाहिए. जब तक वार्ता बहाल नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. यह भी मांग की है कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामले तुरंत वापस लिए जाने चाहिए.

8:23 AM. 22 Nov 218:23 AM. 22 Nov

किसान मोर्चा का पीएम नरेंद्र मोदी के नाम खुला खत

कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखा है. इस खत के जरिये किसानों ने अपनी 6 मांगें सरकार के सामने रखी हैं. इसमें वार्ता को फिर से बहाल करने, किसान आंदोलन के दौरान जिन किसानों की मौत हुई, उनके परिवार को पुनर्वास सहायता, मुआवजा की मांग शामिल है.

1:14 PM. 22 Nov 211:14 PM. 22 Nov

किसानों की महापंचायत

महापंचायत में शामिल होने से पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि, एमएसपी का मुद्दा अभी भी लंबित, बिजली संशोधन विधेयक पर भी चर्चा होनी है. उन्होंने कहा कि, आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं समेत इन मामलों पर चर्चा होनी चाहिए. हम चर्चा से पहले पीछे नहीं जा रहे.

विज्ञापन
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola