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Bareilly: मायावती को लोकसभा चुनाव 2024 में युवाओं से उम्मीद, टिकट के साथ संगठन में भी मिलेंगे पद, जानें रणनीति

Updated at : 13 Feb 2023 7:11 PM (IST)
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Bareilly: मायावती को लोकसभा चुनाव 2024 में युवाओं से उम्मीद, टिकट के साथ संगठन में भी मिलेंगे पद, जानें रणनीति

Bareilly: बसपा प्रमुख मायावती विधानसभा चुनाव 2022 में मिली करारी हार के बाद काफी फिक्रमंद हैं. लेकिन अब यूपी नगर निकाय चुनाव और लोकसभा चुनाव 2024 में सीट जीतने की जिद्दोजहद में जुटी है. उनका फोकस दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के साथ युवाओं पर है.

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Bareilly: बसपा प्रमुख मायावती विधानसभा चुनाव 2022 में मिली करारी हार के बाद काफी फिक्रमंद हैं. लेकिन अब यूपी नगर निकाय चुनाव और लोकसभा चुनाव 2024 में सीट जीतने की जिद्दोजहद में जुटी है. उनका फोकस दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के साथ युवाओं पर है. बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी नगर निकाय चुनाव में 50 फीसद युवाओं को टिकट देने का फैसला किया था, लेकिन अब यूपी के सभी जिला संगठन में 50 फीसद युवाओं को पद देने की तैयारी है.

बसपा ने संगठन के लिए युवाओं की तलाश शुरू कर दी है. इन युवाओं को पहले बसपा के मिशन के बारे में बताया जाएगा. इसके बाद पद दिए जायेंगे.जिससे युवा पार्टी के मिशन को जनता के बीच बता सकें. हालांकि, बसपा प्रमुख मायावती के वर्ष 2007 के बाद से प्रयोग फेल हो रहे हैं.

वर्ष 2007 के चुनाव में मायावती ने सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला अपनाया था. जिसके चलते पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई थी. लेकिन इसके बाद से लगातार बसपा की सीट, और वोट गिर रहा है. इसके बाद मायावती ने सत्ता बचाने और सरकार बनाने के लिए कई राजनीतिक प्रयोग किए, जो फेल हो रहे हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में मायावती की पार्टी सोशल मीडिया पर आई. खुद मायावती ने ट्विटर पर अकाउंट बनवाया था. वह ट्विटर पर काफी सक्रिय रहती हैं.

290 प्रत्याशियों की जमानत हुई जब्त

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बसपा ने 403 सीट पर प्रत्याशी उतारे थे. लेकिन चुनाव में बसपा के 290 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. बसपा के गठन के बाद मायावती के लिए 2022 का चुनाव सबसे बड़ा झटका साबित हुआ था.

पार्टी के पुराने और दिग्गज नेता दूर

बसपा 2012 में सत्ता से बेदखल हो गई थी. इसके बाद मायावती और उनकी पार्टी से कई पुराने और दिग्गज नेता दूर हो चुके हैं. कुछ नेता खुद पार्टी छोड़ चुके हैं, तो कुछ को मायावती निकाल चुकी हैं. इसमें स्वामी प्रसाद मौर्य, आरके चौधरी, इंद्रजीत सरोज, ब्रजेश पाठक, राम अचल राजभर, लालजी वर्मा, नसिमुद्दीन सिद्दीकी और मिठाई लाल भारती का नाम प्रमुख है.

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लोकसभा में 38 सीट पर उतारे, जीते 10 सांसद

2019 लोकसभा चुनाव में 38 सीटों पर बसपा लड़ी थी.मगर,सपा गठबंधन में 10 सीट पर जीत दर्ज की.इनमें बिजनौर, नगीना, अमरोहा, अंबेडकरनगर, गाजीपुर, श्रावस्ती, लालगंज, सहारनपुर, घोषी और जौनपुर सीटें शामिल हैं.इन सीटों पर मुस्लिम, ओबीसी और दलित वोटरों का प्रभाव है.इसलिए गठबंधन की वजह से बसपा जीती थी.मगर, मेरठ, और मोहनलालगंज सीट पर बसपा के उम्मीदवार 5 हजार से भी कम वोट से हारे थे, लेकिन अब मायावती का फोकस सबसे अधिक 12 सीट पर जीते थे.

रिपोर्ट-मुहम्मद साजिद, बरेली

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